Pakistan: कंगाली की कगार पर Jinnah का देश, Credit Rating ने दिखाया, 30 दिन का बचा है वक्त
October 21, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

Pakistan: कंगाली की कगार पर Jinnah का देश, Credit Rating ने दिखाया, 30 दिन का बचा है वक्त

मजहबी उन्मादी पाकिस्तान की मुद्रा की हालत भी बड़ी पतली हो चली है। अब पाकिस्तान के एक रुपए की कीमत भारत के 30 पैसे जितनी बची है। अमेरिका का एक डॉलर अब पाकिस्तान के 277 रुपए ​में ही मिलेगा

Written byPanchjanyaPanchjanya
Feb 21, 2024, 02:50 pm IST
inविश्व
Representational Image

Representational Image

चुनाव के बाद सरकार बनाने की सिरफुटौव्वल से गुजर रहे पाकिस्तान में फिलहाल शासन लस्त—पस्त है और जनजीवन अस्त—व्यस्त है। पहले से ही कंगाली की कगार पर खड़े देश ने किसी तरह कर्जे से मिले पैसे से चुनाव तो करा लिए हैं लेकिन उससे अभी तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं उभरा है। अब मोहम्मद अली जिन्ना की जिद पर बने मजहबी देश के कटोरे में मिली भीख भी तेजी से चुकती जा रही है। वैश्विक साख वाली क्रेडिट रेटिंग संस्था ‘मूडीज’ का कहना है कि इस्लामी देश पर मुसीबत के बाद घिरने में सिर्फ 30 दिन का समय बचा है।

संस्था ‘मूडीज’ ने वहां जारी सियासी उठापटक के आगे भी जारी रहने के कयासों के चलते पाकिस्तान को नकारात्मक ‘क्रेडिट’ वाला देश घोषित किया है। गत वर्ष अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान को जो कर्ज की किस्त दी थी वह तेजी से चुकती जा रही है।

इस्लामाबाद स्थित थिंकटैंक ‘टबडलैब’ की ही रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान की कर्जे की हालत बहुत पतली है

कहना का तात्पर्य यह कि पड़ोसी इस्लामी देश पैसे की तंगी के साथ ही सियासी दिक्कतों से गुजर रहा है, लेकिन वहां के नेताओं को कुर्सी की खींचतान से फुर्सत नहीं है। इसी सब को देखते हुए वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने अपनी सूची में पाकिस्तान की ‘क्रेडिट रेटिंग’ और नीचे गिरा दी है। इस संस्था ने जो ताजा रिपोर्ट जारी की है उसमें इसने कहा है कि पाकिस्तान में राजनीतिक संकट की वजह से ही संभवत: आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है उसे बहुत बुरे आर्थिक संकट से गुजरना पड़े।

इस सूरत में वहां मोलतोल के बाद कोई सरकार बन भी गई तो उसके सामने कंगाल देश को उबारने की बड़ी गंभीर चुनौती पेश आएगी। रिपोर्ट में ‘मूडीज’ का कहना है कि राजनीति के क्षेत्र में धुंधलके की वजह से नई बनने वाली पाकिस्तान की सरकार जब आगामी अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के आगे और कर्ज के लिए हाथ फैलाएगी तो मामला इसलिए फंस जाएगा क्योंकि वह पहले ही 49.5 अरब डॉलर का कर्ज लिए बैठा है जिसके लौटाने की वह कोई तय समयसीमा नहीं बता सकता।

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग संस्था ने पाकिस्तान की उस कर्ज लेने वाली ‘क्रेडिट रेटिंग’ को गिरा दिया है, यानी अब वह रेटिंग CAA1 से घटकर CAA3 हो गई है। कंगाली की कगार वाली यह रेटिंग किसी भी पैसे से रीते देश के लिए अपमानजनक मानी जाती है। अरब देशों व अन्य इस्लामी देशों ने पाकिस्तान के बार बार पैसे मांगने से उकताकर जिन्ना के देश की तरफ देखना भी बंद कर दिया है इसलिए अभी तो उसे बस आईएमएफ के कर्जे का ही सहारा है।

उल्लेखनीय है कि आईएमएफ ने गत वर्ष जून में इस्लामी देश को कर्जे में 3 अरब डॉलर दिए थे। अब नौ माह की उसे चुकाने की समयसीमा भी खत्म होने को है। पाकिस्तान के पल्ले में रोटी खाने को पैसा नहीं है तो कर्ज चुकाने की सोच भी नहीं सकता। इसलिए उस अब फिर से मोटे कर्ज की आवश्यकता पड़ने वाली है। ‘मूडीज’ की यही रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान के खजाने में बस 30 दिन का पैसा बचा है। अप्रैल में जेब खाली होने पर वह किस मुंह से आईएफएफ के सामने जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग संस्था ने पाकिस्तान की उस कर्ज लेने वाली ‘क्रेडिट रेटिंग’ को गिरा दिया है, यानी अब वह रेटिंग CAA1 से घटकर CAA3 हो गई है। कंगाली की कगार वाली यह रेटिंग किसी भी पैसे से रीते देश के लिए अपमानजनक मानी जाती है। अरब देशों व अन्य इस्लामी देशों ने पाकिस्तान के बार बार पैसे मांगने से उकताकर जिन्ना के देश की तरफ देखना भी बंद कर दिया है इसलिए अभी तो उसे बस आईएमएफ के कर्जे का ही सहारा है।

यह जानना भी दिलचस्प होगा कि मजहबी उन्मादी पाकिस्तान की मुद्रा की हालत भी बड़ी पतली हो चली है। अब पाकिस्तान के एक रुपए की कीमत भारत के 30 पैसे जितनी बची है। अमेरिका का एक डॉलर अब पाकिस्तान के 277 रुपए ​में ही मिलेगा। बाहर की संस्था ही नहीं, पाकिस्तान के अपने इस्लामाबाद स्थित थिंकटैंक ‘टबडलैब’ की ही रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान की कर्जे की हालत बहुत पतली है। देश की आर्थिक हालत ऐसी है कि इसके बहुत गहरे में डूब जाने की आशंका है। पाकिस्तान कंगाली की ओर बढ़ रहा है। यह ऐसा चक्रव्यूह बन गया है जिससे उबरना पाकिस्तान के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होगा।

इसी संस्था की रिपोर्ट आगे कहती है कि कोई हैरतअंगेज स्थिति ही वर्तमान परिस्थिति में सुधार लाए तो लाए वर्ना देश को गर्त में जाने से कोई रोक नहीं पाएगा। उसका भी मानना है कि पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टियों के कारण देश की यह बदहाली देखने में आ रही है। नेताओं ने देश की बोटी बोटी लूट ली है। कर्ज तो क्या पाकिस्तान को तो उस पर लदा ब्याज तक उतारने के लिए दूसरे देशों के आगे भीख का कटोरा पसारना पड़ रहा है।

‘मूडीज’ की रिपोर्ट को लेकर पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार द डॉन का कहना है कि चुनाव के बाद देश में जो हालात बने हैं उसे लेकर ‘मूडीज’ का कयास बनने वाली सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है।

Topics: debtरिपोर्टdefaulterकर्जकंगालीपाकिस्तानPakistanimfpoliticselectionleaders
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

IMF Praises India's GDP Growth rate

Explainer: IMF ने भारत की GDP डेटा सुधार और मजबूत बुनियाद की तारीफ की, जानिए क्या हैं इसके मायने?

पीओजेके में अधिकारों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी

वोट पीओजेके के, चाबी इस्लामाबाद की

Captain Smit Machchhar पर Pakistan को करारा जवाब | ABVP की बड़ी मांग

ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी

फ्लाईदुबई विमान को उड़ाने की कोशिश करने वाले को-पायलट हामिद का पाक से क्या है कनेक्शन? बहुत ज्यादा नमाज पढ़ता था आरोपी

पाकिस्तान में 128 साल से 'गिरफ्तार' बरगद का पेड़

पाकिस्तान में 128 साल से ‘गिरफ्तार’ है बरगद का पेड़, जानिए क्यों दी गई थी सजा?

मक्का पैक्ट पाकिस्तान के लिए एक समस्या बनता जा रहा है

मक्का समझौते के बाद पाकिस्तान के सामने नई मुसीबत, हूतियों की धमकी ने बढ़ाई टेंशन

Load More

ताज़ा समाचार

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

Regime Change : ‘सत्ता परिवर्तन’ का वैश्विक खतरा और सरसंघचालक मोहन भागवत की चेतावनी

आज का श्लोक : मनुष्य में प्रगति की राह में सबसे बड़ी बाधा ‘आलस्य’ है

आज का राशिफल

आज का राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

कल का पंचांग

कल का पंचांग: तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति, जानें लग्न परिवर्तन और दिशाशूल का समय

संजय गुप्त जी (प्रधान संपादक, दैनिक जागरण)

संघ नहीं होता तो हिन्दू जीवन-पद्धति का वर्तमान स्वरूप बचाना मुश्किल होता: संजय गुप्त

Sarsanghchalak Mohan Bhagwat Vijayadashmi

‘सस्ती लोकप्रियता के लिए समाज में फूट न डालें’- सरसंघचालक मोहन भागवत जी

Sarsanghchalak Mohan Bhagwat Vijayadashmi

सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश, फ्रांस, नेपाल और अल्बानिया जैसी कोशिशें भारत में की जा रही हैं : श्री मोहन भागवत

Dr Mohan Bhagwat Warning On AI

वंदे मातरम आज भी देता है एकता की प्रेरणा: सरसंघचालक मोहन भागवत

सरसंघचालक श्री मोहन भागवत का उद्बोधन: “हिंदू भाव में पूरे विश्व को जोड़ने की शक्ति है”

प्रतीकात्मक तस्वीर

दशहरा 2026: रावण दहन से नहीं, अपने भीतर की बुराइयों पर विजय से सार्थक होगा विजयादशमी का पर्व

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies