सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश, फ्रांस, नेपाल और अल्बानिया जैसी कोशिशें भारत में की जा रही हैं : श्री मोहन भागवत
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सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश, फ्रांस, नेपाल और अल्बानिया जैसी कोशिशें भारत में की जा रही हैं : श्री मोहन भागवत

अपने संबोधन में मोहन भागवत जी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में सत्ता परिवर्तन के जरिए हालात बदलने की कोशिशें हुई हैं, लेकिन इन प्रयासों से अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हुए।

Written byMahak SinghMahak Singh
Oct 20, 2026, 02:34 pm IST
inसंघ @100
Sarsanghchalak Mohan Bhagwat Vijayadashmi

विजयदशमी पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का संबोधन

नागपुर में मंगलवार, 20 अक्टूबर को आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)  के विजयादशमी उत्सव में सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी ने कहा कि कुछ ताकतें अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिए अलग-अलग देशों में राजनीतिक बदलाव की कोशिश करती हैं। भारत अब ऐसी ताकतों के निशाने पर है। मोहन भागवत जी ने फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में भी सत्ता परिवर्तन के नाम पर ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन देश की मजबूत नीतियों, नेतृत्व और युवाओं की भूमिका के कारण यहां दूसरे देशों जैसे हालात पैदा करना आसान नहीं होगा।

‘रिजीम चेंज’ से नहीं बदलती परिस्थितियां

अपने संबोधन में मोहन भागवत जी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में सत्ता परिवर्तन के जरिए हालात बदलने की कोशिशें हुई हैं, लेकिन इन प्रयासों से अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हुए। उन्होंने कहा, “फ्रांस और अल्बानिया में क्या हो रहा है, बांग्लादेश और नेपाल में क्या हुआ, ये सब किया-कराया उनका है।” भागवत जी के मुताबिक, कुछ लोग यह मानते हैं कि सत्ता बदलने से देश की परिस्थितियां बेहतर हो जाएंगी, लेकिन हकीकत इससे अलग हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों के पीछे अपने हितों को साधने वाली ताकतें सक्रिय रहती हैं, जो राजनीतिक बदलाव का फायदा उठाती हैं। इस तरह की गतिविधियां दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रही हैं और भारत उनके लिए प्रमुख लक्ष्य बन गया है।

भारत को कमजोर करने की हो रही कोशिश

मोहन भागवत जी ने अपने भाषण में कहा कि भारत में भी इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले दशकों में देश ने जिस तरह मजबूत नीतियों को अपनाया और नेतृत्व ने उन्हें आगे बढ़ाया, उससे ऐसे प्रयासों को सफलता नहीं मिली। कुछ ताकतें भारत, हिंदू समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। भारत अभी विकास की प्रक्रिया में है और देश ने सभी क्षेत्रों में पूर्ण विकास हासिल नहीं किया है। ऐसे में समस्याओं और चुनौतियों का बने रहना स्वाभाविक है।  इन चुनौतियों से निपटने के लिए देश को अपनी नीतियों और विकास की दिशा पर लगातार काम करना होगा।

युवाओं पर मोहन भागवत को भरोसा

अपने संबोधन में सरसंघचालक जी ने देश के युवाओं की भूमिका को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अपने देश के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं। यही भावना देश को अन्य देशों से अलग बनाती है। भागवत जी के मुताबिक, युवाओं में देश के विकास में योगदान देने की इच्छा है और उनकी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जब युवा राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आते हैं, तो देश की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

Topics: Mohan BhagwatRSSVijayadashamivijayadashami utsav rssvijaydashmi parvराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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