जापान में बढ़ रहा मजहबी तनाव, कारण क्या ?
September 3, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

जापान में बढ़ रहा मजहबी तनाव, कारण क्या ?

जापान एक ऐसा देश है, जहां से धार्मिक तनाव के समाचार सबसे कम आया करते थे और जहां की पहचान मात्र कर्मनिष्ठा हुआ करती थी, लेकिन कुछ वर्षों से वहां पर मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने के साथ ही मजहबी तनाव भी बढ़ने लगा है।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Jun 3, 2023, 07:06 pm IST
inविश्व, विश्लेषण

जापान एक ऐसा देश है, जहां से धार्मिक तनाव के समाचार सबसे कम आया करते थे और जहां की पहचान मात्र कर्मनिष्ठा हुआ करती थी। परन्तु कुछ वर्षों में वहां पर मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने के साथ ही कहीं न कहीं मजहबी तनाव भी बढ़ने लगा है, ऐसा एक वीडियो से प्रतीत होता है। जापान के शांतिप्रिय लोग इस बात से बहुत व्यथित हैं कि उनके धार्मिक स्थलों पर विदेशी मुस्लिम तोड़फोड़ कर रहे हैं।

एक वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति जापान के शिंतो धर्म के धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ करता हुआ दिखाई दिया।

स्रोत: https://twitter.com/Lu1vunH6iqICRY3/status/1661010806878924800

यूसीए न्यूज के अनुसार जापान का धार्मिक परिदृश्य बदल रहा है और यह इस बात से नजर आता है कि लगातार वहां पर मस्जिदों की संख्या में वृद्धि हो रही है। पिछले दो दशकों में जापान में तेजी से मस्जिदों की संख्या बढ़ी है।

कहा यह भी जा रहा है कि वहां पर तेजी से मुस्लिमों में और जापानी नागरिकों के बीच परस्पर विवाह संबंधों के कारण यह परिवर्तन हो रहे हैं क्योंकि कई जापानी नागरिक शादी के बाद इस्लाम में मतांतरित हो गए हैं, परन्तु काफी बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो इस्लामिक राज्यों से आ रहे हैं।

लोगों का गुस्सा इन घटनाओं से बढ़ रहा है। जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें गाम्बिया का एक व्यक्ति है, जिसने एक जापानी धर्मस्थल में इस प्रकार की तोड़फोड़ की। जिहादवाच।ओआरजी के अनुसार “तरुमी वार्ड में रहने वाले गाम्बिया गणराज्य के एक बेरोजगार नागरिक ममदौ बलदे (29) को संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।“

इस वीडियो पर जापानी नागरिक तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जिसमें एक यूजर ने लिखा कि इस्लाम एक ही अल्लाह को मानने वाला मजहब है। जब वह काफी समय पहले एक मुस्लिम देश में गए थे तो उन्होंने यह अनुभव किया था। जब आप एक शहर में प्रवेश करते हैं, तो आपसे यह अपेक्षा की जाती है कि जैसा शहर कर रहा है, वैसा ही आप करें और मुझे लगता है कि जापान में आने वाले मुस्लिमों को भी जापानी कानूनों को प्राथमिकता देनी चाहिए न कि कुरआन को और यदि ऐसा कोई करता है तो उसे प्रवेश देने से इंकार करना चाहिए। मीठी प्रतिक्रियाएं बहुत खतरनाक होती हैं।

यूसीए के अनुसार जापान में मुस्लिमों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है और यह वर्ष 2000 में 10,200 से बढ़कर अब दो लाख के करीब हो गई हैं। अर्थात लगभग दस गुना मुस्लिमों की वृद्धि जापान में हो चुकी है।  एक समय में जापान में जहां पर मस्जिदें बहुत ही कठिनाई से पाई जाती थीं, वहीं अब ऐसा नहीं है। जापान में मस्जिदों की संख्या वर्ष 2021 में 113 हो गई, जो वर्ष 1999 तक केवल 15 हुआ करती थीं।

डेमोग्राफी परिवर्तन से भारत इस डेमोग्राफी असंतोष का सामना न जाने कब से करता आ रहा है। उत्तर प्रदेश में कैराना से सामूहिक पलायन के समाचार जैसे कई समाचार सामने आते हैं।

हाल ही में उत्तराखंड में भी हिन्दू धार्मिक स्थलों के आसपास डेमोग्राफिक असंतुलन के चलते तनाव के समाचार आ रहे हैं। जैसे भारत में यह विदेशी फंडिंग के समाचार आते हैं, वैसे ही जापान में भी यह मस्जिद निर्माण को लेकर इंडोनेशिया से दान के समाचार आ रहे हैं।

ऐसी ही एक मस्जिद है, मस्जिद इस्तिकलाल ओसाका, जिसका निर्माण एक ऐसी संरचना पर किया गया है, जो एक समय में कारखाना हुआ करता था।

धर्म की स्वतंत्रता जिस प्रकार भारत में है, उसी प्रकार जापान में है एवं निरंतर बढ़ती मस्जिदों की संख्या इस बात को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त हैं। परन्तु जिस प्रकार से जापान में यह घटना हुई है, वह लोगों को आशंका में डाल रही है। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि वह इस घटना को लेकर क्या सोचते हैं। वह कह रहे हैं कि “इस्लाम का लक्ष्य पूरी दुनिया पर कब्जा करना है। इनमें से कोई भी सोच के उस तरीके के अनुकूल नहीं है जिसकी जड़ें प्राचीन काल से जापान में हैं।”

जापान का मुख्य धर्म शिंतो है और जो प्राचीन काल से चलन में है। शिंतो और बौद्ध धर्म वहां पर परस्पर एकात्मकता के साथ रह रहे हैं। परन्तु इस्लाम के साथ ऐसा नहीं है। जहां इस्लाम एक अल्लाह पर बल देता है तो वहीं शिंतो धर्म में सिद्धांतों की कोई एक किताब नहीं है। शिंतो धर्म पवित्रता पर बल देता है तथा साथ ही प्राकृतिक जगत के साथ सामंजस्यता के साथ चलने पर बल देता है और वहां पर कई देवता हैं।

वहीं 1400 वर्ष पहले उपजा इस्लाम एक अल्लाह पर बल देता है और इस्लाम के अनुयाइयों के लिए कुरआन ही सबसे बढ़कर है। जहां शिंतो और बौद्ध अब तक आपसी सामंजस्यता के साथ एक दूसरे के अस्तित्व को स्वीकार करते हुए रह रहे थे, तो वहीं यह सामंजस्यता पूर्ण सह अस्तित्व कहीं न कहीं एक मुस्लिम व्यक्ति के परिप्रेक्ष्य से असंभव जैसा प्रतीत होता है, क्योंकि वह बहुलतावाद को नकारते हैं एवं एक अल्लाह पर जोर देते हैं तथा साथ ही वह अपने अल्लाह के अतिरिक्त किसी और की इबादत नहीं कर सकते हैं।

जापान में शिंतो धर्मस्थल पर हालिया तोड़फोड़ कहीं उस मजहबी तनाव का संकेत तो नहीं है जो जापान के सामने आने वाला है क्योंकि यहां पर परस्पर दो विरोधाभासी धार्मिक विचारों के एक साथ रहने का विषय है।

Topics: जापान का वीडियोजापान में धर्मreligious tension in Japanthe identity of Japan was pietyMuslim population in Japanjapanincreased Muslim population in Japanजापानincreased religious tension in Japanजापान में धार्मिक तनावforeign Muslims vandalizing religious places in Japanजापान की पहचान थी कर्मनिष्ठाvideo of Japanजापान में मुस्लिम जनसंख्याजापान की पहचानजापान में बढ़ी मुस्लिम जनसंख्याजापान में मुस्लिमजापान में बढ़ा मजहबी तनावजापान में मस्जिद
Share9
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

जापान के कुमामोटो में भूकंप से 13 लोगों की मौत, शॉपिंग सेंटर में हुए धमाके में 2 महिलाओं की जान गई

ओडिशा सरकार ने जापान की आईएचआई कॉर्पोरेशन और एसीएमई ग्रुप के साथ 67,000 करोड़ के समझौते पर हस्ताक्षर किए

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे

तीन साल बाद शिंजो आबे हत्याकांड में फैसला, आरोपी यामागामी को आजीवन कारावास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की तीसरी 'सुपरपावर' बना भारत

विश्व की तीसरी ‘सुपरपावर’ बना India, Power Index में जापान को किया पीछे, Operation Sindoor में दिखी ताकत

जापान में आप्रवासियों के खिलाफ विरोध की शुरुआत, लोगों ने कहा- स्थानीय संस्कृति के लिए खतरा हैं ये…

नीरज चोपड़ा

Tokyo World Athletics Championships 2025: नीरज चोपड़ा करेंगे भारत की 19 सदस्यीय टीम की अगुवाई, अविनाश साबले बाहर

Load More

ताज़ा समाचार

Tibet Earthquake: नेपाल में हुई भारी तबाही के हफ्ते बाद तिब्बत में बड़ा भूकंप…

IGNCA के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी जी

Odisha Ki Udaan 2.0: पाकिस्तान को अचानक क्यों याद आई इस्लाम से पहले की विरासत, डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने बताया कारण

panchjanya Sushashan Samvad Odisha ki udan

पाञ्चजन्य ओडिशा की उड़ान 2.0: प्रदीप जोशी बोले- सरसंघचालक जी का विरोध करने वालों को सता रहा ‘दुकान बंद’ होने का डर

Madhya Pradesh Weather: चित्रकूट में बाढ़ से भारी तबाही, जबलपुर में बढ़ा बरगी बांध का जलस्तर; सतना में बहे 2 युवक

पूर्व CM स्टालिन को मद्रास HC से झटका, 100 फीसदी VVPAT गिनती की याचिका खारिज

बिहार में बाढ़ की स्थिति : 8 जिलों में हाई अलर्ट, सोन और कोसी नदी में बढ़ा पानी 

मुख्यमंत्री धामी ने 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए, पशुधन प्रसार अधिकारी व गन्ना पर्यवेक्षक बने शामिल

भुवनेश्वर में संघ ने 100 राष्ट्रभक्ति गीतों के साथ मनाया शताब्दी वर्ष; पराग अभ्यंकर बोले-RSS गीत जगाते हैं राष्ट्रप्रेम

ओडिशा: श्रीजगन्नाथ मंदिर की बैंक जमा राशि 1,912 करोड़ रुपये के पार…

अयोध्या में तीन नए ट्रस्टी, जानिए पूरा परिचय?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies