एशियन गेम्स 2026 में बुधवार, 30 सितंबर की सुबह भारत के लिए बेहद खास रही। दिन की शुरुआत ही एक और गोल्ड मेडल के साथ हुई। भारतीय महिला तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कंपाउंड टीम इवेंट के फाइनल में चीन को 238-234 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने खेलों में अपना सातवां गोल्ड मेडल हासिल किया। खास बात यह रही कि भारतीय टीम ने 238 अंक बनाकर इस इवेंट के वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली। भारत की इस शानदार जीत में ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तानिपार्थी की तिकड़ी का अहम योगदान रहा। तीनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही सटीक निशाने लगाए और चीन की टीम पर दबाव बनाए रखा।
सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचा भारत
भारतीय टीम ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया को 234-233 से हराया था। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने आखिरी तक धैर्य बनाए रखा और सिर्फ एक अंक के अंतर से जीत दर्ज की। इसके बाद कुछ ही समय में उन्हें गोल्ड मेडल के लिए चीन के खिलाफ उतरना पड़ा। फाइनल में भी भारतीय तिकड़ी ने शानदार शुरुआत की। पहले एंड में भारत ने 60-58 की बढ़त बनाई। दूसरे एंड में भी भारत ने यही स्कोर दोहराया और हाफवे तक 119-116 से आगे रहा।
मुकाबले के आखिरी हिस्से में भी भारतीय तीरंदाजों ने अपनी लय नहीं खोई और अंत में 238-234 से जीत हासिल कर ली। भारत का 238 अंक का स्कोर इस इवेंट के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है। यह रिकॉर्ड 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में साउथ कोरिया की टीम ने बनाया था। ज्योति सुरेखा वेन्नम के लिए यह जीत खास रही, क्योंकि वह हांग्जो 2023 में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं। वहीं पृथिका प्रदीप ने फाइनल में बेहद सटीक निशाने लगाए और उनका कोई भी तीर खाली नहीं गया। भारत की इस जीत ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय तीरंदाजी टीम बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन करने का दम रखती है। ज्योति, पृथिका और चिकिता की इस तिकड़ी ने गोल्ड के साथ-साथ पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर देश का नाम रोशन किया।
















