चार वर्ष में 39 किशोरियों को “बालिकावधू” बनने से बचाया, नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट
September 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तर प्रदेश

चार वर्ष में 39 किशोरियों को “बालिकावधू” बनने से बचाया, नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट

कन्या सुमंगला जैसी योजनाओं की मदद से शिक्षित होकर बेटियां अब खुद भी बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं।

Written byसंवाद सूत्रसंवाद सूत्र
Dec 29, 2022, 09:16 pm IST
inउत्तर प्रदेश
प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

समाज में बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता समेत कई प्रयास किये जा रहे हैं।  वाराणसी जिले में चार सालों के अंदर 39 किशोरियों के जीवन को बचाया गया है। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार जागरुकता व त्वरित कार्रवाई से बाल विवाह रोकने में मिली सफलता मिली है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पाण्डेय की मानें तो इस बदलाव का श्रेय प्रदेश सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ मिशन शक्ति जैसे अभियानों को जाता है। सरकार की मंशा के अनुरूप इन अभियानों की देन है कि बाल विवाह जैसी कुरीति पर कई तरफ से प्रहार हो रहा है। एक ओर इस दिशा में समाज को तो जागरूक किया जा रहा है वहीं कन्या सुमंगला जैसी योजनाओं की मदद से शिक्षित होकर बेटियां अब खुद भी बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं।

उदाहरण स्वरूप चोलापुर के दानगंज में 15 वर्षीय किशोरी के व्याह रचाने की तैयारी पूरी हो चुकी थी। मंदिर में बनाये गये लग्न मण्डप में किशोरी को बस सात फेरे लेने शेष रह गये थे तभी बाल संरक्षण इकाई व चाइल्ड लाइन की टीम पुलिस के साथ वहां पहुंच गयी। टीम को मंदिर की ओर आता देख दूल्हा और बाराती वहां से भाग निकले। एक गुमनाम सूचना पर हुई इस फौरी कार्रवाई का नतीजा रहा कि वह किशोरी ‘बालिकावधू’ बनने से बाल-बाल बच गयी।

नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) -5 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में बाल विवाह पर काफी तेजी से अंकुश लगा है। वर्ष 2015-16 में आई नेशनल फेमली हेल्थ सर्वे-4 की रिपोर्ट में  18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की शादी का ग्राफ जहां 19.9 था वहीं 2020-21 में आयी नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा घटकर 10.4 हो गया। इससे साफ है कि जिले में बाल विवाह पर काफी हद तक लगाम लग चुकी है।

जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह बताती हैं कि जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड लाइन, संबंधित थाने की पुलिस तथा स्वयं सेवी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास का नतीजा है कि बीते चार वर्ष में बाल विवाह रोकने के 39 मामलों में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में 12, 2020-21 में 10, 2021-22 में 11 व वर्ष 2022-23 में अब तक बाल विवाह की छह कोशिशों को नाकाम किया गया है। बाल विवाह रोकने के बाद उनके अभिभावकों ने बाल कल्याण समिति के समक्ष शपथ पत्र दाखिल किया है कि वह अपने बच्चों की शादी तभी करेंगे जब उनके बच्चे बालिग हो जाएंगे। वह बताती हैं कि बाल विवाह रोकने भर से हमारा काम खत्म नहीं होता है। कार्रवाई के बाद हम फालोअप भी करते रहते हैं।

संरक्षण अधिकारी निरूपमा सिंह बताती है कि  यदि कोई भी व्यक्ति  निर्धारित उम्र से कम उम्र में शादी करता है तो उसे बाल विवाह करार दिया जायेगा। भले ही वह सहमति से ही क्यों न किया गया हो। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम -2006 के अंतर्गत बाल विवाह होने पर दो वर्ष की सजा अथवा एक लाख का जुर्माना अथवा दोनों का प्राविधान है।

Topics: वाराणसी समाचारVaranasi Newsबाल विवाहनेशनल फेमिली हेल्थ सर्वेबाल विवाह रोकने में सफलताChild marriageNational Family Health Surveysuccess in stopping child marriage
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बाल विवाह होगा पूरी तरह खत्म (फोटो- प्रतीकात्मक और एआई द्वारा निर्मित)

27 नवंबर: ‘अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस’, भारत की बड़ी कूटनीतिक और सामाजिक जीत

आरोपी सलमान खान

सलमान खान ‘सनी सिंह’, बनकर हिंदू महिला से की शादी! फिर बनाया धर्मांतरण का दबाव, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सावित्री ठाकुर, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री

2030 तक मिलकर हासिल करेंगे बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य : सावित्री ठाकुर

काशी विश्वनाथ धाम

वाराणसी : सावन में रेस्टोरेंट और दुकानों पर नहीं बिकेगा मांस, मछली और अंडा 

वाराणसी एयरपोर्ट पर बड़ा खुलासा, फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ अफगान नागरिक गिरफ्तार

वाराणसी में गो-तस्करी का बड़ा खुलासा, कंटेनर से 30 गोवंशीय पशु बरामद; आरोपी गिरफ्तार

Load More

ताज़ा समाचार

PM Kisan Yojana

PM Kisan 24वीं किस्त चाहिए तो पहले कर लें ये काम, नहीं तो खाते में नहीं आएगी रकम

बांग्लादेश में हिंदू पत्रकार की संदिग्ध मौत: आवामी लीग ने बताया ‘हत्या’.. कहा- बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर हिंदू !

हमजा बिन लादेन

मौत की खबर के सालों बाद VIDEO में दिखा हमजा बिन लादेन! क्या जिंदा है ओसामा का बेटा?

पाकिस्तान का झूठ दुनियाभर में फिर हुआ उजागर : हिंदुओं के पास न अधिकार और न ही सुनवाई

आतंक के खिलाफ बड़ी कामयाबी: जम्मू-कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर ढेर

ब्रिक्स समिट 2026: नई दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग, PM मोदी से करेंगे मुलाकात

‘हमें घर जाना है…’ पाकिस्तानी कोर्ट के बाहर रोती रहीं 13-14 साल की हिंदू बहनें, धर्मांतरण-निकाह के आरोप से मचा हड़कंप

गणेश जी को मोदक इतना प्रिय क्यों है? इसके पीछे की आध्यात्मिक मान्यता को जानें

एनआईए (प्रतीकात्मक चित्र)

रांची RSS कार्यालय हमला: पटना के दो फ्लैटों में NIA की छापेमारी, 20 लाख रुपये नकद बरामद

MP Weather

MP Weather: मध्य प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies