शिवाजी की धरती पर अफजल खान की मजार क्यों!
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होम भारत महाराष्ट्र

शिवाजी की धरती पर अफजल खान की मजार क्यों!

छत्रपति शिवाजी के हाथों मारा गया था अफजल खान। बाद में कुछ लोगों ने महाराष्ट्र के सतारा जिले में प्रतापगढ़ किले के पास उसकी एक मजार बना दी थी। अब उस मजार को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि जो अफजल खान वीर शिवाजी को मारना चाहता था, उसकी मजार ही क्यों होनी चाहिए!

Written byPanchjanyaPanchjanya
Nov 12, 2022, 04:30 pm IST
in महाराष्ट्र
अफजल खान की मजार के पास अवैध निर्माण गिराने के बाद खुशी मनाते महाराष्ट्र भाजपा के कार्यकर्ता

अफजल खान की मजार के पास अवैध निर्माण गिराने के बाद खुशी मनाते महाराष्ट्र भाजपा के कार्यकर्ता

महाराष्ट्र में भाजपा के एक विधायक नीतेश राणे ने कहा है कि वीर शिवाजी की धरती पर अफजल खान की मजार क्यों होनी चाहिए! इसके बाद से राज्य की राजनीति में उबाल है। बता दें कि नीतेश राणे ने 11 नवंबर को उस समय यह बात कही जब वे भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ अफजल खान की मजार के पास बने अवैध निर्माण को गिराने की खुशी मना रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद महाराष्ट्र की कोई सरकार इस अवैध निर्माण को गिराने की हिम्मत नहीं कर रही थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने यह हिम्मत दिखाई, जो बहुत ही प्रशंसनीय है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने 10 नवंबर को तड़के भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अफजल खान की मजार के पास बने अवैध निर्माण को तोड़वाना शुरू करवाया था। यह कार्रवाई कई घंटे तक चली। इस कार्रवाई से महाराष्ट्र के लोग बहुत खुश हैं।

बता दें कि मजार के पास बने अवैध निर्माण की मांग लगभग दो दशक से चल रही थी। स्थानीय लोगों ने 2006 में शिकायत की थी कि मजार के पास अवैध निर्माण हो रहा है और बड़ी संख्या में लोगों को बसाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने जब कुछ नहीं किया तब यह मामला अदालत पहुंचा।
इस संबंध में कई याचिकाएं दायर की गईं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद मुम्बई उच्च न्यायालय ने 15 अक्तूबर, 2008 को आदेश दिया कि अवैध निर्माण को गिरा दिया जाए। एक साल तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो 11 नवंबर, 2009 को न्यायालय ने एक बार फिर से गिराने का आदेश दिया। इसके बाद अवैध निर्माण करने वाले लोग इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय ले गए। लगभग सात साल बाद 2017 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी उच्च न्यायालय के आदेश को सही मानते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने को कहा। इसके बाद से ही यह मामला लटका हुआ था। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब अवैध निर्माण को तोड़ने की प्रक्रिया चालू की गई थी, लेकिन एक बार से कानूनी अड़चन पैदा कर दी गई। इसके बाद शिवसेना के नेतृत्व में सरकार बनी, जिसने इस मामले पर कुछ नहीं किया। अब नई सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जिसका परिणाम यह हुआ कि अवैध निर्माण को गिरा दिया गया।

मजार के पास 15 से 20 गुंठा भूमि (एक गुंठा 1,089 वर्ग फुट के बराबर) पर अवैध निर्माण हुआ था। इस जमीन का कुछ भाग वन विभाग और कुछ हिस्सा राजस्व विभाग का है। अब इन दोनों विभागों ने अपनी—अपनी जमीन पर कब्जा कर लिया है।

Topics: veer shivajiafjal khanअफजल खां की मजारअफजल का वधछत्रपति शिवाजी महाराज
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