गत 28 अप्रैल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में युवा कुंभ का आयोजन हुआ। इसे संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने कहा कि यहां जितने लोग बैठे हैं हमें नहीं लगता कि उनकी मातृभाषा एक होगी या सब एक ही संस्कार के होंगे, सबकी अलग-अलग परंपरा भी होगी।
इसके बावजूद हम भारतीय हैं और इसलिए भारतीय हैं, क्योंकि हमारे डीएनए में महादेव का डीएनए है। उन्होंने कहा कि विश्व में सनातन संस्कृति सबसे अच्छी है, क्योंकि यह संस्कृति सबके हित की बात करती है।
उन्होंने भगवान महादेव का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान महादेव के परिवार में अलग-अलग समुदाय अलग-अलग वर्ग के लोग एक साथ एक जगह पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर कैलाश पर्वत पर रहते हैं और उनके गले में सांप है।
गणेश जी का वाहन चूहा है, पार्वती जी का वाहन शेर है, कार्तिकेय की सवारी मोर है और देखा जाए तो सांप का सबसे अच्छा भोजन चूहा है, मोर का अच्छा भोजन सांप है, शेर का अच्छा भोजन नंदी है, लेकिन महादेव के घर में सब लोग एक साथ हैं।
इसका बड़ा संदेश यह है कि हम लोग अलग जाति, धर्म, समुदाय के लोग एक साथ अच्छे से रहें। यही सनातन संस्कृति हमें सिखाती है। इस अवसर पर जिला प्रचारक सहित संघ के अनेक अधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित थे।

















