सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ईरान के प्रदर्शनों ने खासा असर डाला है। अब एक्स में झंडे वाले इमोजी सेक्शन में इस्लामी झंझे की जगह अब 1979 से पहले का शेर-सूरज प्रतीक वाला झंडा आ गया है। एक्स पर दिखा यह बदलाव इस्लामी सत्ता को चुनौती दे रहे नागरिकों के आक्रोश के प्रतीकात्मक समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
यह है पुराने झंडे का इतिहास
ईरान में परंपरागत रूप से 1979 से पहले तक लगाया जाता रहा शेर-सूरज वाला झंडा लगभग 3,000 साल पुराना माना जाता है। इस प्रतीक में शेर शक्ति, साहस और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक के तौर पर बना था। जबकि सूरज प्राचीन ईरानी आस्थाओं में दिव्यता और प्रकाश का प्रतिनिधित्व करता था। शेर के पंजे में तलवार न्याय और रक्षा को दर्शाती थी। यह झंडा हरा, सफेद और लाल रंगों का था, जिसमें बीच में सफेद पट्टी पर शेर-सूरज की आकृति बनी होती थी। राजशाही के जमाने में, खासकर पहलवी वंश के दौरान, यही ईरान का आधिकारिक ध्वज था।
1979 की इस्लामी क्रांति और नया झंडा
1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई, जिसके परिणामरूवरूप शाह मोहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से हटना पड़ा। नए मजहबी नेतृत्व, अयातुल्लाह अल खुमैनी के नेतृत्व में नई सत्ता ने पुराने प्रतीक को हटाकर इस्लामी गणराज्य का झंडा आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया। वर्तमान झंडे में भी रंग जो हरा, सफेद और लाल ही है, लेकिन सफेद पट्टी पर कूफी लिपि में 22 बार ‘अल्लाहु अकबर’ लिखा है। यह संख्या क्रांति के ईरानी कैलेंडर अनुसार 22 बहमन की सफलता की प्रतीक है। इस्लामी सत्ता ने शेर और सूरज को राजशाही से जोड़कर देखा और उस झंडे को हटा दिया था।

प्रदर्शन जोरों पर
ईरान में जारी इस्लामी सत्ता विरोधी प्रदर्शनों में लगातार तेजी दिख रही है। इसे पिछले कई वर्ष बाद का सबसे बड़ा जन आंदोलन बताया जा रहा है। दिसंबर 2025 के अंत से चल रहे ये विरोध प्रदर्शन अब सौ से अधिक शहरों तक फैल गए हैं। इनके पीछे प्रमुख मुद्दे हैं देश की खराब अर्थव्यवस्था, रिकॉर्ड तोड़ महंगाई, मुद्रा में गिरावट तथा रोजगार की भारी कमी। आज यह विरोध सर्वोच्च मजहबी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को कुर्सी से हटाने की जिद तक चला गया है।
इन प्रदर्शनों के दौरान हड़तालें की गई हैं, सुरक्षा बलों से हिंसक संघर्ष हुए हैं। सरकारी इमारतों को जलाया गया है। और भी कई तरह से विरोध प्रकट किया जा रहा है। कई स्थानों पर शाह की वापसी या निर्वासित युवराज रेजा पहलवी को खुलकर समर्थन दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे हैं और जगह जगह शेर और सूरज वाले पुराने झंडे लहरा रहे हैं।
इस झंडे का इमोजी लाए जाने के पीछे वजह की जानकारी देते हुए एक्स की प्रोडक्ट हेड निकिता बियर का कहना है कि एक उपभोक्ता ने मांग की थी कि ईरान के झंडे का इमोजी अपडेट किया जाए। बाद में निकिता ने एक्स पर ईरान के झंडे के इमोजी में बदलाव लाए जाने की घोषणा की। इसलिए अब ईरानी झंडे का इमोजी बदला दिखता है। अब ईरान का झंडा वही पहले वाला है। यह झंडा राजशाही के समर्थकों का प्रतीक माना जाता है। दो दिन पहले आया बदलाव अधिकांश ईरानवासियों को भा रहा है। खुद एक्स ने इसकी पुष्टि की है। कल ही लंदन में ईरानी दूतावास पर हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ईरान का शेर सूरज वाला झंडा ही थामा हुआ था।

















