पंजाब सरकार का दावा है कि उसने युद्ध नशेयां विरुद्ध चला कर हजारों नशा तस्करों व भारी मात्रा में नशीला पदार्थ पकड़ा है परंतु असलियत यह है कि सरकार के यह दावे नींद में सोए किसी व्यक्ति के लगते हैं, जो असलियत देखने की बजाय नींदों में बड़बड़ाता है। पंजाब में असलियत यह है कि प्राइमरी स्कूलों तक नशा पहुंच चुका है।
स्कूल बैग से मिले कैप्सूल
बठिंडा जिले के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में सामने आई घटना ने हर अभिभावक को चिंता में डाल दिया है। जिस उम्र में बच्चे किताबों और खेल-कूद में व्यस्त होने चाहिए, उसी उम्र के एक पांचवीं कक्षा के छात्र के बैग से कथित तौर पर नशीले कैप्सूल मिलने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।
पार्टी के बाद घर में जाकर सोए बच्चे नहीं उठे
घटना के बाद स्कूल, अभिभावकों और ग्रामीणों में हडक़ंप का माहौल है। गांव के सरपंच ने भी छात्र के बैग से नशीले कैप्सूल मिलने की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले स्कूल में बच्चों ने मिलकर एक छोटी-सी पार्टी की थी। पार्टी में बच्चों ने कोल्ड ड्रिंक और अन्य खाद्य सामग्री का सेवन किया। घर लौटने के बाद कई बच्चे असामान्य रूप से गहरी नींद में सो गए। परिजनों ने बताया कि बच्चों को काफी देर तक उठाने की कोशिश की गई, लेकिन वे सामान्य रूप से नहीं जागे। इससे परिवारों की चिंता बढ़ गई।
स्कूल प्रशासन ने मामले पर रखी नजर
कई अभिभावक स्कूल पहुंचे और अध्यापकों से पूरे मामले की जानकारी सांझा की। बातचीत के दौरान आशंका जताई गई कि पार्टी में बच्चों को दी गई कोल्ड ड्रिंक में किसी प्रकार का नशीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शिकायत को गंभीर मानते हुए स्कूल प्रशासन ने मामले पर नजर रखनी शुरू कर दी।
गांव के लोगों ने अधिकारियों को किया सूचित
बुधवार को संबंधित छात्र का बैग जांचा गया। जांच के दौरान बैग से कथित तौर पर नशीले कैप्सूल बरामद हुए। इसके बाद स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना गांव के जिम्मेदार लोगों और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई।
पूरे मामले की गहराई से होगी जांच
गांव के सरपंच गोगी चहल ने बताया कि छात्र के बैग से नशीले कैप्सूल मिलने की घटना सही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि उक्त छात्र का पिता नशे का आदी है और हो सकता है कि गलती से छात्र स्कूल में उनको लेकर आ गया हो। इस सबंध में स्कूल इंचार्ज से भी बात हुई है और उनको छात्र का स्कूल से नाम न काटने को कहा गया है।
विशेष अभियान चलाने की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गहराई से जांच कर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही स्कूलों के आसपास व गांव में नशा बेचने वालों पर विशेष अभियान चलाने की भी मांग की गई है।
















