मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आज फिर विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। इससे एक दिन पहले भी कॉकरोचों ने प्रदर्शन किया था। हालांकि, ये प्रशासन की सख्ती के कारण पूरी तरह से विफल रहा।सीजेपी ने राष्ट्रीय संगठन इंचार्ज अजिंक्य शिंदे को इस प्रदर्शन की कमान सौंपी है। ये स्पष्ट हो गया है कि इस प्रदर्शन को पुलिस ने अनमति नहीं दी है।
पुलिस और कोर्ट से अनुमति नहीं मिली
सीजेपी को पुलिस और सुप्रीम कोर्ट से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ता और कुछ विपक्षी नेता प्रदर्शन पर अड़े हुए दिख रहे हैं। जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
शनिवार को भारी तैनाती
जुलाई में हुए प्रदर्शन से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने शनिवार को राजधानी में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए। 35 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लगाए गए। इसकी वजह से सीजेपी के कार्यकर्ता जंतर-मंतर तक तो दूर, नई दिल्ली जिले तक भी नहीं पहुंच पाए।
सबसे पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को उसके गुरुग्राम वाले घर से हिरासत में लिया गया। सीजेपी के शीर्ष नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली आते समय इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के अंदर ही रनवे पर हिरासत में ले लिया गया। शनिवार सुबह करीब 9:45 बजे वे विमान से उतरे थे। पुलिस ने शनिवार सुबह से ही नई दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्तों पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी थी। देर शाम तक करीब 4000 लोगों को हिरासत में लेने की बात सामने आई।
इनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार भी शामिल बताए गए। ज्यादातर कार्यकर्ताओं को शाम तक छोड़ दिया गया, लेकिन दीपके, सौरव दास और रांका को नहीं छोड़ा गया।
जेन जी का समर्थन नहीं मिला
इन गिरफ्तारियों के बाद सीजेपी के प्रदर्शन की योजनाएं प्रभावित हुईं। पुलिस के साथ कुछ जगहों पर मामूली झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद और लोगों को हिरासत में लिया गया। इस बार सीजेपी को जेन जी या अन्य छात्र संगठनों का व्यापक समर्थन नहीं मिला।
मुंबई में भी समर्थन प्रदर्शन
मुंबई में भी सीजेपी के समर्थन में कुछ प्रदर्शन हुए। अगस्त क्रांति मैदान, हुतात्मा चौक और अन्य जगहों पर लोग जमा हुए। महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और माकपा के कार्यकर्ताओं समेत करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया। ये लोग बिना अनुमति सड़कों पर उतरे थे। हुतात्मा चौक पर प्रकाश आंबेडकर के संगठन वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। तुषार गांधी के संगठन ‘हम भारत के लोग’ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ता अगस्त क्रांति मैदान में जमा हुए थे।
















