सोशल मीडिया पर एक वीडियो सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए जानबूझकर वायरल किया गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं मनीष सिसोदिया व सौरभ भारद्वाज ने साझा किया। इसमें दिखाया गया कि कुछ पुलिसकर्मी दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में जूते पहनकर प्रवेश कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस का वायरल वीडियो पर बयान सामने आया है और वह कार्रवाई करने जा रही है। हालांकि उन्होंने अपने बयान में यह नहीं बताया कि यह कार्रवाई किसके खिलाफ होगी।
वीडियो जानबूझकर, दुर्भावनापूर्ण इरादे से फैलाया गया: पुलिस
दिल्ली पुलिस ने शनिवार (10 अक्टूबर) को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के संबंध में अपना बयान जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी गुरुद्वारा बंगला साहिब के अंदर गए और उनमें से कुछ ने जूते पहने हुए थे। वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को उस आम रास्ते पर चलते हुए दिखाया गया है, जिसका इस्तेमाल सभी श्रद्धालु उस जगह तक पहुंचने के लिए करते हैं, जहां गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारे जाते हैं। गुरुद्वारे आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। पुलिस के अनुसार यह वीडियो जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से फैलाया गया है ताकि एक धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत किया जा सके। इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
आम आदमी पार्टी ने क्या लिखा
आम आदमी पार्टी ने अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “मोदी जी और अमित शाह जी, सिखों की आस्था और गुरुद्वारों की मर्यादा कोई राजनीतिक नौटंकी नहीं है, जिसका इस्तेमाल पंजाब में वोट मांगने के लिए करो और दिल्ली में उसी मर्यादा को तार-तार कर दो। क्या दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को डिटेन करने के लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब तक पुलिस भेज दी? युवाओं को डरा सकते हो, उनकी आवाज नहीं दबा सकते। वोट चोरी का हिसाब तो देना ही पड़ेगा।” मनीष सिसोदिया ने लिखा, “ये क्या है? दिल्ली पुलिस… बंगला साहब जी गुरुद्वारा के अंदर?” इसी तरह आप नेता सौरभ भारद्वाज ने लिखा कि क्या आज पुलिस गुरुद्वारा बंगला साहिब में दाखिल हुई? क्या बीजेपी सरकार का दिमाग ठिकाने पर नहीं है? उन्होंने जूते पहने हुए हैं और सिर भी नहीं ढका है। इसी तरह ‘आप’ के नेताओं ने धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने वाले इस वीडियो को शेयर कर निम्न स्तरीय राजनीति करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
















