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Panchjanya Exclusive: नाना जी की यह थाप आपने कभी नहीं सुनी होगी

नाना पाटेकर का करीब दो साल पुराना एक वीडियो भी याद आ रहा है, जिसमें वह पुणे में कार में बैठे एक पुराने हिंदी फिल्मी गीत को गुनगुनाते नजर आए थे। यह गीत था, “देख हमें आवाज़ ना देना, ओ बेदर्द जमाने।”

Published by
Mahak Singh

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में उनके निधन की खबर सामने आई। अपने दमदार अभिनय, बेबाक अंदाज और सादगी के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने अपने लंबे करियर में दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उनके जाने के बाद प्रशंसक उनसे जुड़ी पुरानी यादें और वीडियो साझा कर रहे हैं।

इसी बीच उनका करीब दो साल पुराना एक वीडियो भी याद आ रहा है, जिसमें वह पुणे में कार में बैठे एक पुराने हिंदी फिल्मी गीत को गुनगुनाते नजर आए थे। यह वीडियो बनाया था वरिष्ठ पत्रकार शिप्रा माथुर ने, जोकि कार में पीछे की सीट पर थीं। साइड वाली सीट पर नाना जी बेटे मल्हार थे। यह गीत था, “देख हमें आवाज ना देना, ओ बेदर्द ज़माने।” वीडियो में गाने के प्रति उनका लगाव पुराने हिंदी सिनेमा के संगीत की खूबसूरती को याद दिलाता है। “चमका शाम का पहला तारा, गगन दुलारा, सबसे पहले उसने देखा प्यार हमारा”। यह गीत वर्ष 1958 में रिलीज हुई फिल्म ‘अमरदीप’ का है। इसे हिंदी सिनेमा के महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी और मशहूर गायिका आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी। इस गीत का संगीत सी. रामचंद्र ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल गीतकार राजेंद्र कृष्ण ने लिखे थे। देव आनंद और वैजयंतीमाला पर फिल्माया गया यह गीत आज भी पुराने संगीत के चाहने वालों के बीच लोकप्रिय है।

पुरानी यादों में जिंदा रहेगा संगीत

नाना पाटेकर का कार में बैठकर इस गीत को गुनगुनाना संगीत के प्रति उनके लगाव की याद दिलाता है। उनके निधन के बाद ऐसे पुराने पल प्रशंसकों के लिए भावुक यादें बन सकते हैं।

 

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