नई दिल्ली । शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज़ पर कोई स्थगन आदेश देने से इनकार करते हुए बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने साफ किया कि फिल्म की रिलीज़ पर कोई रोक नहीं है और अब इस मामले में आगे की सुनवाई और फैसला दिल्ली हाईकोर्ट करेगा।
बता दें कि ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की निर्मम हत्या पर आधारित है।
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद पर जज की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने फिल्म निर्माता के वकील गौरव भाटिया से कहा-
“इन सभी विवादों ने आपकी फिल्म को जबरदस्त पब्लिसिटी दिलाई है। जितनी ज़्यादा पब्लिसिटी होगी, उतने ज़्यादा लोग इसे देखने जाएंगे। मुझे नहीं लगता कि आपको इससे कोई नुकसान होगा।”
गौरव भाटिया ने अपनी बात रखते हुए अदालत से कहा-
“फिल्म को सेंसर बोर्ड और सरकार से मंज़ूरी मिल चुकी है, लेकिन फिर भी अब तक 12 दिन बर्बाद हो चुके हैं। मैंने अपनी जिंदगी की पूरी पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगा दी है।”
इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने मुस्कराते हुए कहा-
“12 दिन का कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, जितनी पब्लिसिटी आपको मिली है, वो आपकी फिल्म के लिए लाभकारी होगी।”
फिल्म निर्माता को हाईकोर्ट जाने की सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गुण-दोष के आधार पर वह कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है और मामला अब पूरी तरह से दिल्ली हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है। कोर्ट ने हाईकोर्ट को सोमवार को ही मामले की सुनवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को सलाह दी गई कि वे अपनी सभी आपत्तियों और दलीलों को हाईकोर्ट के समक्ष रखें।
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फिल्म निर्माता ने इस पर सहमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली।
इस रूप में प्रदर्शित नहीं हो सकती फिल्म : कपिल सिब्बल
इस मामले में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, जो फिल्म विरोधी याचिकाकर्ताओं के पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, ने कहा-
“फिल्म को इस रूप में प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। सोमवार को हाईकोर्ट में इसके मेरिट पर सुनवाई होगी।”
जवाब में गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि-
“प्लीज इन चार मामलों को देखें, जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने स्टे हटाया था। हम हाईकोर्ट में यह साबित करेंगे कि स्टे नहीं होना चाहिए।”
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का फैसला फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ी राहत है। हालांकि, अब अगली परीक्षा दिल्ली हाईकोर्ट में है, जहां सोमवार को मामले की पूरी गहराई से सुनवाई होगी।















