
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन प्रयासों की सराहना की, जो रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए किए जा रहे हैं। पुतिन ने कहा कि मोदी के पास इस मसले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के अच्छे आइडिया हैं। यह बात पुतिन ने वालदाई क्लब फोरम में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही।
पुतिन ने बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन विश्व नेताओं में से एक हैं, जो हमारी बहुत अच्छी और दोस्ताना निजी रिश्तों के बावजूद लगातार यूक्रेन संघर्ष खत्म करने का सवाल उठाते रहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। “उनकी इस बात में गहरी दिलचस्पी है और उनके पास दोनों पक्षों को मंजूर होने वाले समाधान खोजने के बहुत अच्छे आइडियाज हैं। इस मामले में वे स्वाभाविक रूप से तटस्थ रुख रखते हैं, लेकिन संघर्ष खत्म हो, इसमें उनकी दिलचस्पी साफ दिखती है। मुझे लगता है कि यह बात सीधे कहना मेरा फर्ज है। हम प्रधानमंत्री के आइडियाज के लिए आभारी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम उनके इस चाहत के लिए शुक्रगुजार हैं कि यह संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से और जल्द से जल्द खत्म हो।”
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन आखिरी बार सितंबर में नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे। उस मुलाकात में उन्होंने व्यापार संबंधों को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 को लागू करने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बात की थी।
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प्रधानमंत्री मोदी कई बार शांति की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर सिद्धांत और मानवीय आधार पर रुख अपनाया है। अगस्त में जापान की यात्रा के दौरान जापानी अखबार ‘द योमियुरी शिंबुन’ को दिए इंटरव्यू में मोदी ने कहा था, “भारत ने संघर्ष पर सिद्धांत और मानवीय रुख अपनाया है, जिसकी सराहना राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की दोनों ने की है। दोनों नेताओं ने मुझसे बात कर अपनी बात रखी। मैंने भारत का साफ और लगातार रुख दोहराया और संवाद व कूटनीति से मुद्दे को सुलझाने पर जोर दिया।”
भारत की भूमिका पर सवाल का जवाब देते हुए मोदी ने कहा था, “मैं पहले ही कह चुका हूं कि भारत शांतिपूर्ण समाधान के लिए सार्थक प्रयासों का समर्थन करने को तैयार है। दोनों पक्षों और अहम हितधारकों से हमारे अच्छे संबंध हैं, इसलिए हम यूक्रेन में जल्दी और स्थायी शांति बहाल करने के प्रयासों को मजबूत कर सकते हैं।”
इसके साथ ही पुतिन ने दोहराया है कि रूस का यूरोपीय देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई आक्रामकता हुई तो रूस अपने पास मौजूद सभी हथियारों से जवाब देगा। पुतिन ने पश्चिमी देशों, खासकर यूरोप पर आरोप लगाया कि वे मॉस्को के साथ संभावित युद्ध की तैयारी की बातें करके, बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास कर और रूसी जहाजों को जब्त करके तनाव बढ़ा रहे हैं।
यूरोपीय नेता और खुफिया एजेंसियां चेतावनी दे चुकी हैं कि अगर रूस यूक्रेन युद्ध में विजयी हुआ तो अगले कुछ सालों में वह किसी और देश पर हमला करने की क्षमता रख सकता है।