रूस यूक्रेन के बीच युद्ध के करीब 5 साल होने को है। इसी क्रम में शुक्रवार को कीव के बीचोंबीच यूक्रेन की सुरक्षा सेवा एसबीयू के मुख्यालय पर रूस का ड्रोन हमला हुआ। इमारत से काला धुआं निकलने लगा। यह जगह सेंट सोफिया कैथेड्रल के ठीक सामने है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर है।
क्या हुआ हमले में
राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर बताया कि व्लोदिमिरस्का स्ट्रीट पर एसबीयू की केंद्रीय इमारत पर ड्रोन गिरा। ड्रोन सीधे सुरक्षा सेवा के प्रमुख के ऑफिस की तरफ निशाना बनाकर भेजा गया था। आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं। सशस्त्र पुलिस गश्त पर थी। कई एंबुलेंस और बचाव दल वहां पहुंचे।
कीव के मेयर विटाली क्लित्शको के मुताबिक, इस हमले में कम से कम नौ लोग घायल हुए। पास के एक कैफे में खिड़कियां टूट गईं। कैफे के सह-मालिक स्टैनिस्लाव ज़ावर्तैलो ने बताया कि एक ग्राहक घायल हो गया। ग्राहक उस समय खसखस वाली रोल खा रहा था। धमाके के झटके से कैफे हिल गया। कर्मचारी और ग्राहक तुरंत अंडरग्राउंड शेल्टर में चले गए। उन्हें डर था कि दूसरा ड्रोन भी आ सकता है। एक घंटे बाद कोई दूसरा हमला नहीं हुआ, लेकिन लोग अभी भी बेचैन थे।
जेलेंस्की और मंत्री की प्रतिक्रिया
जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने एसबीयू प्रमुख ओलेक्सांद्र पोक्लाद को निर्देश दिया है कि रूस को उचित और ठोस जवाब दिया जाए। जहां संभव हो, वैसा ही जवाब तैयार किया जाए। विदेश मंत्री आंद्रिई सिबिहा ने इसे बड़ा एस्केलेशन बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से कहा कि इन कार्रवाइयों की निंदा करें और पुतिन शासन पर दबाव बढ़ाएं।
कीव पर लगातार हमले
कीव पर एक हफ्ते से ज्यादा समय से रोज ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। जेलेंस्की ने रूस से कहा कि अमेरिकी वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर के रविवार के कीव दौरे के दौरान हमले रोक दिए जाएं। यूक्रेन ने वादा किया कि वे मास्को में रहेंगे तो रूसी हवाई क्षेत्र सुरक्षित रहेगा।
यूक्रेन के पास अमेरिकी पैट्रियट इंटरसेप्टर कम पड़ गए हैं। रूस नए जेट-पावर्ड ड्रोन इस्तेमाल कर रहा है जो करीब 250 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ते हैं। इन्हें रोकना मुश्किल है। केंद्रीय कीव की सरकारी इमारतों पर दिन के उजाले में इस तरह के हमले कम ही होते हैं। धमाका कई ब्लॉक दूर तक सुनाई दिया।
एसबीयू की भूमिका
एसबीयू रूस के खिलाफ जटिल ऑपरेशन चलाती है। पिछले साल के ऑपरेशन स्पाइडरवेब में भी इसकी भूमिका थी, जिसमें रूस के अंदर अरबों पाउंड की विमानें नष्ट हुई थीं। यह हमला अमेरिकी वार्ताकारों के कीव आने से दो दिन पहले हुआ। अमेरिका की अगुवाई वाली शांति कोशिशें पिछले कुछ महीनों से रुकी हुई हैं।

















