संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शनिवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अपना भाषण दिया। इसमें उन्होंने भारत और ब्राजील को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता देने का समर्थन किया। साथ ही पश्चिमी देशों, खासकर जर्मनी और अमेरिका के सहयोगी जापान को अतिरिक्त सीट देने का विरोध भी साफ किया।
भारत और ब्राजील को समर्थन
लावरोव ने कहा कि सुरक्षा परिषद में पश्चिमी देशों को और सीटें नहीं मिलनी चाहिए। रूस लंबे समय से भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता रहा है। मास्को का मानना है कि परिषद को एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का बेहतर प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। लावरोव पहले भी भारत और ब्राजील के पक्ष में बोल चुके हैं। 2026 की ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा में भी चीन और रूस ने भारत व ब्राजील को संयुक्त राष्ट्र में, खासकर सुरक्षा परिषद में, ज्यादा भूमिका देने का समर्थन दोहराया था।
पश्चिमी देशों का विरोध
लावरोव ने साफ कहा कि जर्मनी और जापान जैसे पश्चिमी देशों को अतिरिक्त सीट नहीं दी जानी चाहिए। उनका जोर इस बात पर था कि मौजूदा संरचना आज के वैश्विक संतुलन को नहीं दर्शाती।
यूक्रेन मुद्दे पर टिप्पणी
लावरोव ने पश्चिम पर आरोप लगाया कि वह यूक्रेन में लगातार हथियार भेज रहा है और रूस के नागरिकों व नागरिक बुनियादी ढांचे पर ड्रोन व मिसाइल हमलों में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोप ने कीव में रूस विरोधी शासन खड़ा किया ताकि रूसी प्रभाव को नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने कहा, “रूस को रोकने के यूरोपियन लक्ष्य के पीछे पश्चिम ने यूरोपीय सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ दिया और कीव में रूस विरोधी शासन को बढ़ावा दिया।” उन्होंने पश्चिमी देशों को इसके नतीजों की चेतावनी भी दी। लावरोव के मुताबिक यूरोप यूक्रेन के साथ शांतिपूर्ण समाधान को रोकने की कोशिश कर रहा है और बातचीत की संभावनाओं को बाधित कर रहा है, जबकि कई पक्ष, जिसमें ट्रंप प्रशासन भी शामिल है, बातचीत के पक्ष में हैं।
नाजीवाद और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का जिक्र
लावरोव ने कुछ यूरोपीय संघ के नेताओं पर नस्लीय श्रेष्ठता की भावना का आरोप लगाया और कहा कि इससे यूक्रेनी नाजीवाद को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि पश्चिम यूक्रेन में नाजीवाद के फैलाव को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांत खतरे में हैं। यह भाषण संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिया गया, जहां रूस ने भारत की उम्मीदवारी को फिर से मजबूती से दोहराया।
















