रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकतरफा ऐलान किया है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर हो गया है। उन्होंने लिखा, “अभी से प्रभावी, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में एनर्जी सीजफायर है। दोनों पक्ष सहमत हैं। इसे तोड़ना मत।”
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह बात उनके लिए “न्यूज” है। उन्होंने Axios से बात करते हुए कहा कि अगर ट्रंप ने पुतिन से यह बातचीत की है तो बताएं कि सीजफायर कब से शुरू होगा। हम तैयार हैं और स्वीकार कर लेंगे, बशर्ते पुतिन भी वही करें।
पहले क्या हुआ था
इससे पहले शनिवार को ट्रंप ने मांग की थी कि यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बंद करे। जेलेंस्की ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले मॉस्को को यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर अपने “क्रूर” हमले रोकने होंगे। कोई भी समझौता आपसी होना चाहिए और उसमें असली गारंटी होनी चाहिए, मतलब सहयोगियों की तरफ से रूस पर सख्त कार्रवाई।
रविवार को भी रूसी ड्रोन और एयर स्ट्राइक जारी रहे। जेलेंस्की के मुताबिक खार्किव में थर्मल पावर स्टेशन नंबर 5 पर हमला हुआ। इस हफ्ते ऊर्जा सुविधाओं पर 200 से ज्यादा हमले हो चुके हैं। गैस और तेल सुविधाओं पर भी 17 हमले हुए।
ट्रंप के फैसले और प्रतिक्रिया
शुक्रवार को ट्रंप ने रूसी डीजल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका में ईंधन की कीमतें कम होंगी। जेलेंस्की ने इसे “कमजोर” फैसला बताया और कहा कि इससे पुतिन को अरबों रुपये मिलेंगे जिससे वह युद्ध और तेज चला सकेगा।
ट्रंप ने जवाब में कहा कि जेलेंस्की को रूसी रिफाइनरियों पर हमले “बिलकुल बंद” करने चाहिए और यूक्रेन को “नया लीडर” चाहिए। जेलेंस्की ने कहा कि लीडर चुनना यूक्रेनियों का काम है। वे चुनाव कराने को तैयार हैं लेकिन पुतिन को 60 दिन का पूरा सीजफायर मानना होगा।
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और क्या चल रहा है
यूरोपीय अधिकारियों के हवाले से फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया कि अमेरिका यूक्रेन को हथियार सप्लाई रोकने की धमकी दे रहा है ताकि वह रूस के ऊर्जा ठिकानों पर गहरे हमले बंद करे। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार अमेरिका ने रूस को आर्थिक फायदे का ऑफर भी दिया है, जिसमें जमे हुए रूसी संपत्तियां खोलने और लुकोइल के कुछ हिस्से बेचने की बात शामिल है।
यूक्रेनी अधिकारी कह रहे हैं कि अमेरिका उनसे उनका सबसे असरदार हथियार छोड़ने को कह रहा है लेकिन रूस से कोई बराबर की रियायत नहीं मांग रहा। हाल के हफ्तों में यूक्रेन ने रूसी तेल कॉम्प्लेक्स, गोदाम और डेटा सेंटर्स पर हमले किए हैं। रूस की तरफ से हमले जारी हैं। शनिवार को जापोरिज्जिया में 23 लोग मारे गए, जिनमें चार बच्चे शामिल थे। स्लोव्यांस्क में भी अपार्टमेंट ब्लॉक पर हमला हुआ।यूक्रेन के विदेश मामलों की कमेटी के प्रमुख ओलेक्सांद्र मेरेज्को ने कहा कि ट्रंप की मांग से घरेलू स्तर पर जेलेंस्की की स्थिति मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन रूसी रिफाइनरियों पर हमले जारी रखेगा क्योंकि वे युद्ध के लिए पैसे देते हैं। जेलेंस्की ने कनाडा, पोलैंड, यूरोपीय कमीशन, ब्रिटेन, फ्रांस और फिनलैंड के नेताओं से बात की। ब्रिटेन ने कहा कि रूस पर दबाव बनाए रखना चाहिए और ऊर्जा सीजफायर रूस को ही मानना चाहिए।

















