दिल्ली के उत्तम नगर में कुछ महीने पहले हुई तरुण खटीक की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी इमरान ने जमानत पर बाहर आने के बाद तरुण के चाचा पर हमला कर दिया। टेकचंद के अनुसार, हमलावरों ने उन्हें मामले से दूर रहने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि हमलावर मामले में अदालत से रिहा किए जा चुके एक व्यक्ति का भाई है। तरुण की हत्या के बाद से उनके परिवार को लगातार भय और दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
जिहादी कट्टरपंथियों की भीड़ ने इस साल होली के दिन हस्तसाल कॉलोनी में 26 वर्षीय तरुण की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, पानी के गुब्बारे को लेकर शुरू हुआ विवाद बाद में हिंसक झड़प में बदल गया था। गंभीर रूप से घायल तरुण को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
तरुण के चाचा को केस से दूर रहने की धमकी
सोमवार (28 सितंबर) रात करीब साढ़े दस बजे तरुण के चाचा अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन पर हमला कर दिया। उन बदमाशों ने उन्हें अकेला देखकर उनके साथ मारपीट भी की। आरोप है कि हमलावरों ने जेजे बोर्ड की सुनवाई का हवाला देते हुए उन्हें केस से दूर रहने की धमकी दी है। इस सुनवाई में तरुण की हत्या में शामिल मुख्य आरोपी की उम्र को लेकर फैसला होना है। इससे पहले एसडीएम ने मुख्य आरोपी के वर्ष 2011 के उस जन्म प्रमाण पत्र को खारिज कर दिया है, जिसके आधार पर उसे नाबालिग बताया जा रहा था।
घर के आसपास अपर्याप्त सुरक्षा
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता सुमित चौहान का कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद तरुण के घर के आसपास पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने के कारण यह घटना हुई है। उन्होंने तरुण के परिवार वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में पुलिस की तैनाती और निगरानी बढ़ाने की मांग की।
पुलिस ने 16 आरोपियों को पकड़ा था
तरुण हत्याकांड के बाद मार्च 2026 में दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। पुलिस ने इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए लोगों में एक नाबालिग भी था। नगर निगम और पुलिस की मौजूदगी में मुख्य आरोपी उमरदीन के तीन मंजिला मकान पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई थी।
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