होली पर्व पर दिल्ली में तरुण की हत्या कर दी गई। जैसी असहिष्णुता भारत में घटी, वैसी ही घटना लंदन में भी हुई, जैसा कि टॉमी रॉबिन्सन दावा कर रहे हैं। इनसाइट यूके नामक यूजर ने सोशल मीडिया पर इस हमले का उल्लेख किया है। टॉमी रॉबिन्सन का कहना है कि मुख्यधारा की मीडिया इसे दिखा नहीं रही है। यह घटना 4 मार्च की है।
इनसाइट यूके के अनुसार हैरो (Harrow) में यह घटना हुई है। स्थानीय हिन्दू परिवार जब होली मनाने के लिए शांतिपूर्वक तरीके से एकत्र हुए तो उनपर मस्जिद से बाहर निकल रहे मुस्लिम युवकों ने हमला किया और माहौल के रंग में भंग डाल दिया।
हैरो में इन्टरनेशनल सिद्धाश्रम शक्ति केंद्र द्वारा आयोजित होलिका दहन समारोह में सैकड़ों भक्त एकत्र हुए थे। आयोजन के लिए काउंसिल से पूर्व अनुमति भी थी। इसमें दो मेयर भी शामिल हुए थे और लंदन फायर ब्रिगेड कमांडर, पूर्व मेरस, काउंसलर्स और लेबर ग्रुप के नेता भी शामिल थे।
यह एक ऐसा अवसर था, जिसमें सभी दलों के नेता शामिल हुए थे और वे यह विश्वास दिला रहे थे कि इस शहर में हर पर्व का स्थान और महत्व है। मगर हर्ष के माहौल में तब विघ्न उत्पन्न हो गया, जब नजदीक में स्थित मस्जिद से आ रहे कुछ मुस्लिम युवकों ने इस समारोह पर हमला कर दिया और स्पीकर्स खींच दिए। ऐसा भी कहा जा रहा है कि वहां उपस्थित लोगों को धमकाया भी गया। आरोपी इसके बाद वहां से निकल गए। लेकिन जल्दी ही वे 20 और लोगों के साथ लौटे और वहां उपस्थित लोगों के साथ मारपीट करने लगे। उसके बाद पुलिस को बुलाया गया जो लगभग आधे घंटे बाद पहुंची और लोगों के बयान लेकर चली गई।
इस पोस्ट में लिखा है कि अधिकारियों से यह मांग की जाती है कि वे इस घटना की पूरी तरह से जांच करें और इस घटना की जिम्मेदारी तय करें। सामुदायिक सामंजस्यता का निर्माण उस चुप्पी पर नहीं किया जा सकता है, जब एक समूह को निशाना बनाया जा रहा हो।
Muslim youth attack Holi celebrations in Harrow
Holi is a festival of colour, joy and community. Yesterday in Harrow, local Hindu families, including women and children, gathered to celebrate peacefully.
Hundreds of devotees attended this Holika Dahan celebrations in Harrow,… pic.twitter.com/ZpTMGDV0PM
— INSIGHT UK (@INSIGHTUK2) March 4, 2026
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग यह प्रश्न कर रहे हैं कि क्या लंदन में अब भारतीय अपना पर्व भी ठीक से नहीं मना सकते हैं? परंतु यहां पर एक और महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा होता है कि आखिर भारत से लेकर लंदन तक रंगों के इस पर्व से एक समुदाय के कुछ लोगों को इतनी घृणा क्यों है?
भारत में तो अब हिन्दू अपने धार्मिक समारोह ठीक से मना नहीं सकते हैं। कुछ वर्षों से राम नवमी से लेकर हनुमान शोभायात्रा पर हमले हो रहे हैं। धार्मिक शोभायात्राओं को पुलिस की पहरेदारी में ही निकालना पड़ता है। हर पर्व पर मंदिर के बाहर पुलिस की उपस्थिति रहती है।
अब ब्रिटेन जैसे कथित सेक्युलर देश में भी हिंदुओं के पर्वों पर हमले हो रहे हैं और भारत की तरह लंदन में भी रिपोर्टिंग नगण्य रही। हालांकि इस मामले में चौदह वर्षीय लड़के को गिरफ्तार किया गया है। ब्रिटेन में हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। ऐसी एक नहीं कई रिपोर्ट सामने आई हैं और आ रही हैं, जिनमें यह स्पष्ट किया जा रहा है कि हिंदुओं के साथ व्यवस्थागत स्तर पर ही भेदभाव हो रहा है और वह भी ब्रिटेन में। उनके साथ स्कूलों में भेदभाव होता है। हिंदुओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को लेकर यह कहा जाता है कि हिन्दुत्व की विचारधारा इसके लिए जिम्मेदार है।
जबकि यह पूरी तरह से खोखला तर्क है क्योंकि लीसेस्टर में जब हिंदुओं पर हमले हुए थे, तब क्रिकेट का मामला था। एशिया कप में भारत की जीत का जश्न मना रहे हिंदुओं पर मुस्लिमों ने हमला किया था, तो इसमें हिंदुत्व की विचारधारा कैसे आई?
इससे एक बात स्पष्ट है कि बहाना कुछ भी हो, क्रिकेट मैच हो या फिर होली का पर्व, कट्टरपंथी जिहादियों को घृणा हिंदुओं के अस्तित्व से है, फिर चाहे दिल्ली हो या लंदन, होली हो या क्रिकेट!
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