देश की राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के अवसर पर हुई 26 वर्षीय तरुण की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में एक नई शिकायत दर्ज करवाई है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपियों के पक्ष के लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। उत्तम नगर में तरुण की हत्या के बाद से ही माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
मंगलवार को यह नई शिकायत दर्ज की गई जिससे इलाके में तनाव और सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
बुर्का पहनकर पहुंचीं महिलाओं ने दी धमकी
पीड़ित परिवार के वकील के अनुसार, सोमवार शाम को एक ऐसी घटना घटी जिसने परिवार के भीतर खौफ पैदा कर दिया है। वकील ने बताया कि सोमवार शाम करीब 5:20 बजे तरुण की मां अपने घर के बाहर खड़ी थीं। उसी समय बुर्का पहने 7-8 महिलाएं उस गली में दाखिल हुईं। ये महिलाएं ‘बाबू खान’ नाम के व्यक्ति के घर पहुंचीं और उसकी बालकनी से तरुण की मां को निशाना बनाते हुए जातिसूचक और बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
दूसरे बेटे को भी मौत के घाट उतार देंगे
आरोप है कि उन महिलाओं ने तरुण की मां को धमकाते हुए कहा, “जैसे हमने तुम्हारे पहले बेटे को मारा है, वैसे ही तुम्हारे दूसरे बेटे को भी मौत के घाट उतार देंगे।” यह सुनने के बाद पीड़ित की मां दहशत में आ गई। उन्होंने सारी आपबीति अपने पति से कही और इसके तुरंत बाद परिवार ने पुलिस को सूचित किया। तरुण के परिवारवालों ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला
उत्तम नगर का यह मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने सांप्रदायिक रंग भी ले लिया है। तरुण की हत्या 4 मार्च को होली के दौरान दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच हुए झगड़े के बाद हुई थी, जिसमें तरुण को पीट-पीटकर मार डाला गया था। हत्या के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई थी, जिसमें ईद के आसपास हिंसा होने की आशंका जताई गई थी। याचिका में दिल्ली पुलिस को नफरती भाषणों और लक्षित हिंसा को रोकने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिया था कि आरोपियों की संपत्तियों पर बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के कोई तोड़फोड़ न की जाए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के कोई भी भ्रामक जानकारी साझा न करें।
क्या महिलाओं का ‘सरेंडर’ एक ड्रामा है?
ताजा घटनाक्रम के बाद पीड़ित परिवार के वकील का कहना है कि पुलिस ने शिकायत के बाद उन महिलाओं को हिरासत में लिया है, लेकिन वे इसे केवल एक ‘ड्रामा’ करार दे रहे हैं। परिवार का मानना है कि आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें पुलिस का डर नहीं है। परिवार अब अपने दूसरे बेटे और खुद की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजामों की मांग कर रहा है।
















