नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए उनकी राजनीतिक समझ पर तीखे सवाल उठाए हैं. भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयानों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पूरी तरह से शून्य है.
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी जिस ‘एंटी-इनकंबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) को भारतीय राजनीति का स्थापित सत्य बताने का प्रयास कर रहे हैं, उसके कई ऐतिहासिक उदाहरण उनके दावों से बिल्कुल मेल नहीं खाते हैं. उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस पार्टी लंबे समय से सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है, जबकि अलग-अलग दौर में अन्य क्षेत्रीय दलों की सरकारें लगातार सत्ता में रही हैं.
“सहयोगी दलों की बैसाखी के बिना अपनी सीट नहीं जीत सकते”
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज एंटी-इनकंबेंसी इतनी हावी हो गई है कि वह और उनकी पार्टी अपने दम पर एक भी सीट निकालने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि पिछले 25 वर्षों से रायबरेली और अमेठी में समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना कांग्रेस पार्टी कभी नहीं जीत सकती थी.
“सोनिया जी और राहुल गांधी जी में इतनी राजनीतिक क्षमता नहीं है कि वे बिना सपा के समर्थन के अपनी खानदानी सीट अपने दम पर निकाल सकें। इसके अलावा, राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी जी वायनाड में मुस्लिम लीग के समर्थन से जीते हैं, जहां 60 से 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। बिना उनके समर्थन के वहां भी जीतना असंभव था।” – सुधांशु त्रिवेदी, सांसद, भाजपा
उम्र और राजनीति को समझने के दावे पर तंज
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी जोरदार कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने पिछले 50 वर्षों से राजनीति को देखने और समझने की बात कही थी. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि भारत की राजनीति के इस दौर में 5-6 वर्ष की आयु से ही राजनीति को समझ लेने वाली ऐसी अद्भुत प्रतिभा केवल किसी अनोखे व्यक्ति में ही हो सकती है.
پ्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु:
- एंटी-इनकंबेंसी पर सवाल: विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कई राज्यों के ऐतिहासिक उदाहरण दिए गए।
- सहयोगियों पर निर्भरता: पारंपरिक सीटों पर भी अन्य दलों के समर्थन के बिना जीत हासिल न कर पाने का आरोप लगाया।
- मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया: चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठाए गए राहुल गांधी के सवालों को तथ्यों से परे और निराधार बताया गया।
सुधांशु त्रिवेदी ने अंत में कहा कि चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर केवल अखबार की खबरों के आधार पर सवाल खड़े करना पूरी तरह से तर्कहीन और गैर-जिम्मेदाराना है.
















