देहरादून: देहरादून में फर्जी दस्तावेजों के जरिए MBBS में दाखिला दिलाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत कई दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर तीन अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाया।
एसआईटी ने रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को किया गिरफ्तार
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने साक्ष्य जुटाने के बाद रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस अब मामले में सामने आए दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
तीन अभ्यर्थियों के परिजनों से लिए गए 20-20 लाख रुपये
पुलिस एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल के मुताबिक, तीन अभ्यर्थियों के परिजनों से एडवांस के तौर पर 20-20 लाख रुपये लिए गए थे। जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिए MBBS में दाखिला कराने की बात सामने आई है।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत कई दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत कई दस्तावेजों में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर तीन अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाया गया।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर MBBS में दाखिला कराया गया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एसआईटी मामले से जुड़े दस्तावेजों और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
MBBS दाखिला फर्जीवाड़े की जांच का दायरा बढ़ा
देहरादून में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्रों के कथित फर्जीवाड़े को लेकर पहले से जांच चल रही है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है और प्रमाणपत्रों से जुड़े दस्तावेजों तथा सरकारी प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच का दायरा फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने वालों से लेकर उन प्रक्रियाओं तक बढ़ाया जा रहा है, जिनके माध्यम से इन दस्तावेजों का इस्तेमाल MBBS दाखिले में किया गया।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और MBBS दाखिला कराने की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।















