अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। आज के समय में ज्यादातर लोग कैश रखने के बजाय UPI से ही भुगतान करना पसंद करते हैं। चाय-पानी से लेकर महंगी शॉपिंग तक, हर जगह लोग Google Pay, PhonePe, Paytm या दूसरे UPI ऐप से तुरंत पेमेंट कर देते हैं। ऐसे में UPI से जुड़े एक नए नियम को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। खासकर यह सवाल कि अगर पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा का हुआ तो क्या ग्राहक को अलग से चार्ज देना पड़ेगा?
दरअसल, NPCI की ओर से UPI के कुछ चुनिंदा कारोबारी लेनदेन पर MDR यानी Merchant Discount Rate से जुड़ा नया फ्रेमवर्क लागू किया जाना है। इसी वजह से ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI पेमेंट को लेकर चर्चा हो रही है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप ₹2,500 की कोई चीज खरीदेंगे तो दुकानदार आपसे ₹5 अतिरिक्त वसूल सकता है।
सबसे पहले समझिए MDR क्या है?
MDR यानी Merchant Discount Rate एक तरह का शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने के लिए कारोबारी पक्ष पर लग सकता है। आसान भाषा में समझें तो जब कोई ग्राहक UPI से किसी कारोबारी को पेमेंट करता है, तो उस लेनदेन को पूरा करने में बैंक और पेमेंट सिस्टम की भूमिका होती है। इसके लिए लगने वाले शुल्क को MDR कहा जाता है। यानी यह जरूरी नहीं है कि MDR का पैसा ग्राहक की जेब से जाए। मान लीजिए आपने ₹2,500 की शॉपिंग की-
अब इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आप किसी दुकान पर गए और आपने ₹2,500 के कपड़े खरीदे। बिल आया ₹2,500 का। आपने दुकानदार को UPI से ₹2,500 का भुगतान कर दिया। ऐसे मामले में केवल इसलिए कि सामान की कीमत ₹2,000 से ज्यादा है, आपको अपनी जेब से अपने बिल के ऊपर ₹5 अतिरिक्त देना जरूरी नहीं है। यानी अगर आपका बिल ₹2,500 है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको ₹2,505 का भुगतान करना ही पड़ेगा। यहां MDR से जुड़ा शुल्क ग्राहक से अलग से वसूला जाना जरूरी नहीं है। संबंधित नियम के तहत इसका भार कारोबारी या संबंधित संस्था पर है।
होटल में ₹3,000 का बिल आया तो?
मान लीजिए आप परिवार के साथ किसी होटल में खाना खाने गए। खाने का कुल बिल ₹3,000 आया। आपने बिल का भुगतान UPI से कर दिया। ब सिर्फ इसलिए कि बिल ₹2,000 से ज्यादा है, आपसे यह कहना कि “UPI से पेमेंट कर रहे हैं, इसलिए ₹5 एक्स्ट्रा दीजिए” सही तस्वीर नहीं होगी।
ऑनलाइन शॉपिंग में भी यही बात समझिए
मान लीजिए आपने किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ₹2,499 का सामान खरीदा। पेमेंट के समय आपने UPI का विकल्प चुना। से में ₹2,499 के सामान के लिए आपको सिर्फ इसलिए ₹5 अतिरिक्त देने का नियम नहीं समझना चाहिए कि आपकी खरीदारी ₹2,000 से ज्यादा है। ग्राहक से कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा या नहीं, यह संबंधित लेनदेन और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
तो फिर चार्ज कौन देगा?
यही सबसे अहम बात है। जिन चुनिंदा UPI कारोबारी लेनदेन पर MDR लागू होगा, वहां यह शुल्क ग्राहक से वसूलना जरूरी नहीं है। दिए गए फ्रेमवर्क के अनुसार संबंधित व्यापारी या संस्था पर इसका शुल्क आ सकता है। सलिए अगर आप ₹2,500 की शॉपिंग कर रहे हैं तो ऐसा नहीं है कि आपको हर हाल में ₹2,505 चुकाने होंगे। स बात को खास तौर पर समझना जरूरी है। ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट होने का मतलब यह नहीं है कि हर लेनदेन पर ग्राहक से ₹ लिया जाएगा।
15 अक्टूबर से लागू होगा नया फ्रेमवर्क
NPCI की ओर से नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू किए जाने की घोषणा की गई है। ऐसे में UPI से बड़ी रकम का भुगतान करने वाले लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि MDR मुख्य रूप से पेमेंट प्रोसेस से जुड़ा शुल्क है। इसे सीधे ग्राहक पर लगाया जाने वाला “UPI चार्ज” समझना सही नहीं होगा













