EPFO 3.0: नौकरी करने वाले लोगों के लिए PF का पैसा काफी अहम होता है। जरूरत पड़ने पर बीमारी, शादी, घर खरीदने या दूसरी जरूरी वजहों से कर्मचारी अपने PF खाते से एडवांस पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन कई बार PF क्लेम करने में लोगों को काफी परेशानी होती है। पोर्टल की तकनीकी दिक्कत, वेरिफिकेशन और दूसरी प्रक्रियाओं के कारण पैसा मिलने में समय लग जाता है। अब EPFO इस पूरी व्यवस्था को आसान और तेज बनाने की तैयारी कर रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO अपने सिस्टम को नए तरीके से अपग्रेड करने पर काम कर रहा है। इसे EPFO 3.0 कहा जा रहा है। इसका मकसद PF से जुड़ी सेवाओं को ज्यादा डिजिटल, तेज और सुविधाजनक बनाना है। माना जा रहा है कि नए सिस्टम के बाद कर्मचारियों को छोटी-छोटी प्रक्रियाओं के लिए कंपनी या HR पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
EPFO 3.0 में एडवांस PF क्लेम की प्रक्रिया को काफी हद तक ऑटोमेट करने की तैयारी है। यानी कर्मचारी जब पात्रता के अनुसार क्लेम करेगा, तो सिस्टम उसके रिकॉर्ड और जरूरी जानकारी की जांच खुद कर सकता है। इससे मैनुअल वेरिफिकेशन कम होगा और क्लेम जल्दी प्रोसेस होने की उम्मीद है। कुछ रिपोर्ट्स में ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम की बात भी सामने आई है। हालांकि, इसकी सही सीमा और नियम EPFO की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होंगे। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा क्लेम के समय में कमी हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पात्र क्लेम का पैसा करीब 3 से 4 दिन में बैंक खाते में भेजने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
UPI और ATM से PF निकालने की तैयारी
EPFO 3.0 को लेकर यह भी चर्चा है कि भविष्य में PF खाते को UPI जैसी डिजिटल भुगतान सुविधाओं से जोड़ा जा सकता है। आपात स्थिति में तय सीमा तक PF का पैसा UPI या ATM के जरिए निकालने की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इस सुविधा को लेकर अभी अंतिम नियमों का इंतजार है। नया EPFO सिस्टम क्लाउड आधारित और ज्यादा केंद्रीकृत बनाने की तैयारी है। इससे पोर्टल के बार-बार धीमा होने या सर्वर की समस्या कम होने की उम्मीद है। EPFO 3.0 को पहले जुलाई-अगस्त के आसपास लाने की चर्चा थी लेकिन तकनीकी तैयारियों के कारण इसमें देरी हुई। अब त्योहारी सीजन के आसपास इसके रोलआउट की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, लॉन्च डेट और सभी सुविधाओं की अंतिम जानकारी EPFO की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।













