झाबुआ के गांवों में लोगों की भागीदारी से हो रहे विकास की कहानी अब समुद्र पार अमेरिका तक पहुंच रही है। यहां रहने वाले भारतीयों ने जब झाबुआ में मिल-जुलकर किए जा रहे कामों और उनसे गांवों में आ रहे बदलावों के बारे में जाना, तो कई लोगों के मन में झाबुआ को करीब से देखने की इच्छा जगी। यही वजह रही कि कैलिफोर्निया में आयोजित एक कार्यक्रम में झाबुआ की विकास यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी।
अमेरिका तक पहुंची झाबुआ के विकास की कहानी
अमेरिका के पालो ऑल्टो में इंडियंस फॉर कलेक्टिव एक्शन (ICA) के वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिवगंगा की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से झाबुआ में जनभागीदारी से हो रहे अक्षय विकास के प्रयासों को लोगों के सामने रखा गया। इसमें बताया गया कि जब गांव के लोग अपने विकास में खुद आगे आते हैं, तो छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं। ICA अमेरिका में रह रहे भारतीयों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ भारत में सामाजिक क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं को सहयोग देने का काम करती है। पिछले महीने ही शिवगंगा का ICA से जुड़ाव हुआ था। इसके बाद ICA ने शिवगंगा के कार्यकर्ताओं को अपने वार्षिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया।
इस कार्यक्रम में कैलिफोर्निया में रह रहे ‘फ्रेंड्स ऑफ झाबुआ- यूएस चैप्टर’ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से झाबुआ में परमार्थ की प्रेरणा से चल रहे अक्षय विकास के जनआंदोलन की कहानी अमेरिका में बसे भारतीयों तक पहुंची। झाबुआ के काम को जानने के बाद कई लोगों ने वहां आने और गांवों में हो रहे बदलावों को अपनी आंखों से देखने की इच्छा जताई। इस तरह झाबुआ की यह पहल अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विदेशों में बसे भारतीयों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

















