अहमदाबाद में आयोजित ‘साबरमती संवाद 2026’ में गुजरात की शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को लेकर अहम चर्चा हुई। पाञ्चजन्य की कंसल्टिंग एडिटर तृप्ति श्रीवास्तव जी ने गुजरात की प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रिवाबा जडेजा जी से विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने गुजरात के शिक्षा मॉडल, i-Hub, रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से अपनी बात रखी।
सवाल: पूरे देश में गुजरात मॉडल की चर्चा होती है। शिक्षा के क्षेत्र में आप किस तरह का मॉडल बनाना चाहेंगी, जिसे पूरा देश फॉलो करे और गुजरात की पहचान के तौर पर भी देखा जाए?
जवाब: आपने जो विषय रखा है, उसकी नींव कहीं न कहीं माननीय प्रधानमंत्री जी ने उस समय रख दी थी, जब वे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री थे। हमारी जिम्मेदारी उस रथ को आगे ले जाने की है और उसके साथ शिक्षा तथा विकास के सभी आयामों को जोड़कर आगे बढ़ने की है। यहां बड़ी संख्या में युवा मौजूद हैं, इसलिए मैं एक छोटा-सा उदाहरण देना चाहूंगी। आप जरूर i-Hub की विजिट करें। i-Hub ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और माध्यम है, जो युवाओं के स्टार्टअप और उनके आइडिया को आगे बढ़ाने में मदद करता है। यह युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप के लिए प्रोत्साहित करता है और उनके इनोवेशन को सपोर्ट करता है।
गुजरात सरकार का शिक्षा विभाग हर साल लगभग 200-300 करोड़ रुपये की फंडिंग और ग्रांट के माध्यम से i-Hub को सहयोग देता है। इसलिए युवाओं को इस संस्था की विजिट जरूर करनी चाहिए। अगर आपके पास ऐसा कोई आइडिया है, जो सस्टेनेबल डेवलपमेंट या ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में कारगर साबित हो सकता है, तो i-Hub आपके लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है। गुजरात के पास पोटेंशियल है, गुजरात के पास अपॉर्चुनिटी है और गुजरात के पास युवाओं की ताकत है। शिक्षा के क्षेत्र में हमारी पहली जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि गुजरात का प्रत्येक बालक शिक्षा के मूल अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए हम माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का है। बदलते समय के अनुरूप आवश्यक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए बजट, सरकारी योजनाओं और जनभागीदारी के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सवाल: 12वीं के बाद युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की होती है। इस दिशा में सरकार की क्या भूमिका रही है?
जवाब: 12वीं के बाद जब ग्रेजुएशन और रोजगार की बात आती है, तो मैं एक आंकड़ा साझा करना चाहूंगी। यह केवल गुजरात नहीं, बल्कि पूरे भारत पर लागू होता है। अगर आप 2014 से 2024 के 10 साल के आंकड़ों को देखें, तो हमारी सरकार के अनुसार 17 करोड़ रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है। यानी औसतन करीब 1.7 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष युवाओं को मिले हैं। यह आंकड़ा कहीं न कहीं यह दर्शाता है कि भारत रोजगार सृजन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज हमारे पास हर सेक्टर और हर फील्ड में अवसर हैं। जेंडर बायस को पीछे रखते हुए युवाओं के लिए आगे बढ़ने की संभावनाएं मौजूद हैं। जरूरत है कि आप सिस्टम पर भरोसा रखें और एक्सीलेंस के साथ आगे बढ़ें।
सवाल: गुजरात के युवाओं से आप क्या कहना चाहेंगी?
जवाब: गुजरात के लिए आपका टैलेंट, आपका ज्ञान और आपकी क्षमताएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन्हें सिर्फ व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि राज्य और राष्ट्र निर्माण में भी लगाएं। हमारे पास अवसर हैं, संभावनाएं हैं और सबसे बड़ी ताकत हमारी युवा शक्ति है। जरूरत है कि युवा अपनी क्षमता को पहचानें, उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। भारत को बेहतर से बेहतरीन बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। इसलिए अपनी प्रतिभा और काबिलियत के साथ आगे बढ़िए और मां भारती के निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए।
















