
गणेश चतुर्थी कब है
गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश को समर्पित है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। खासकर महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक समेत कई राज्यों में इस त्योहार की अलग ही रौनक देखने को मिलती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। भक्त विधि-विधान से पूजा करते हैं और गणपति बप्पा से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा के दौरान दूर्वा, मोदक, लड्डू और लाल फूल चढ़ाने की परंपरा है। माना जाता है कि गणेश जी को मोदक विशेष रूप से प्रिय हैं। पूजा के बाद भक्त प्रसाद बांटते हैं और कई जगहों पर भजन-कीर्तन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी को बुद्धि, विवेक और शुभता का देवता माना जाता है। इसलिए गणेश चतुर्थी पर उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने और सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है। कई परिवार इस दिन अपने घर में गणपति की स्थापना करते हैं और कुछ लोग पूरे दस दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। उत्सव के अंतिम दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इस दौरान भक्त ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति बप्पा को विदाई देते हैं और अगले वर्ष फिर आने की कामना करते हैं।