अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से PF का पैसा कटता है, तो यह खबर आपके काम की है। PF में जमा रकम को आमतौर पर रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली बचत के तौर पर देखा जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसका कुछ हिस्सा पहले भी निकाला जा सकता है। बीमारी, पढ़ाई, शादी या घर से जुड़ी जरूरत होने पर कर्मचारी PF से एडवांस ले सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने PF एडवांस से जुड़े नियम तय किए हैं। हालांकि, हर कर्मचारी अपनी मर्जी से किसी भी समय और कितनी भी रकम नहीं निकाल सकता। इसके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि PF से एडवांस कब और कितनी बार लिया जा सकता है।
12 महीने बाद मिलती है पात्रता
EPFO की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, EPF सदस्यता के 12 महीने पूरे होने के बाद कर्मचारी तय शर्तों के तहत PF एडवांस के लिए पात्र हो सकता है। पात्र सदस्य कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान के साथ जमा ब्याज समेत कुल PF बैलेंस का अधिकतम 75 फीसदी तक एडवांस निकाल सकता है।
बीमारी में निकाल सकते हैं PF
अगर कर्मचारी खुद या परिवार के किसी सदस्य के इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, तो PF एडवांस लिया जा सकता है। बीमारी के मामले में निकासी की कोई तय संख्या सीमा नहीं बताई गई है।
पढ़ाई और शादी के लिए भी सुविधा
कर्मचारी खुद या परिवार के किसी सदस्य की शिक्षा के लिए PF एडवांस ले सकता है। शिक्षा के लिए सदस्यता अवधि में अधिकतम 10 बार निकासी की जा सकती है। वहीं, अपनी या परिवार के किसी सदस्य की शादी के लिए भी PF से एडवांस लिया जा सकता है। इस सुविधा का लाभ सदस्यता अवधि में अधिकतम 5 बार लिया जा सकता है।
घर के लिए भी निकाल सकते हैं पैसा
मकान या फ्लैट खरीदने, घर बनाने, होम लोन चुकाने या घर की मरम्मत जैसी जरूरतों के लिए भी PF एडवांस लिया जा सकता है। इन कामों के लिए सदस्यता अवधि में अधिकतम 5 बार निकासी की सीमा बताई गई है। EPFO या केंद्रीय न्यासी बोर्ड की ओर से तय विशेष परिस्थितियों में भी PF एडवांस मिल सकता है। ऐसी स्थिति में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2 बार पैसा निकाला जा सकता है। PF एडवांस लेने से पहले अपनी पात्रता और लागू शर्तों की जांच जरूर करें। साथ ही, PF भविष्य की बचत है, इसलिए जरूरत के मुताबिक ही इसका इस्तेमाल करना समझदारी है।












