नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1282 हो गई है। यह जानकारी नेपाल पुलिस ने दी है। अलग-अलग इलाकों से 4798 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद नेपाल में कुछ दिन पूर्व भीषण बाढ़ आई थी जिसने काफी तबाही मचाई।
भोटेकोशी बाढ़ के 10वें दिन बचाव दल ने त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बाहर निकाल लिया। उनकी पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है। इससे पहले बचावकर्मियों ने सुरंग के भीतर से आवाजें सुनकर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया था। दोनों के जिंदा मिलने से बचाव अभियान को बड़ी सफलता मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रासुवा और नुवाकोट जिलों में करीब 600 बच्चे अब भी लापता हैं।

रासुवा में करीब 280 बच्चों के लापता होने की जानकारी है। जबकि नुवाकोट में 300 से 350 बच्चे अब भी नहीं मिले हैं। वहीं नेपाल के लिए भारत ने राहत सामग्री की नई खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 21.5 टन राहत सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना के दो सी-130J विमान काठमांडो पहुंच गए हैं। इस खेप में जरूरी राहत सामान के साथ फोरेंसिक किट और मेडिकल सप्लाई भी शामिल हैं।
बता दें कि नेपाल में बाढ़ के बाद हालात बदतर बने हुए हैं। हर दिन मौतों की संख्या बढ़ रही है। राहत और बचाव अभियान अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।












