सितंबर शुरू होते ही मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदलना शुरू कर दिया है। देश के कई हिस्सों में जहां लोग बारिश से राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब मानसून फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, आज 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत करीब 20 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम के इस बदले मिजाज का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ सकता है। भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि तेज हवाओं के कारण पेड़ और कमजोर ढांचे गिरने का खतरा रहेगा। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पूर्वी राज्यों में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश के पूर्वोत्तर हिस्से और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के साथ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश तेज हो सकती है। यही मौसमी सिस्टम आसपास के कई राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं की वजह बन रहा है। दिल्ली में आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 30 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। उत्तर प्रदेश में मेरठ, नोएडा, आगरा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में तापमान करीब 31 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। बिहार में पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में तेज बारिश और हवाओं की चेतावनी है। झारखंड के रांची, धनबाद और जमशेदपुर में भी मौसम खराब रह सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के कई जिलों में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में खास सावधानी की जरूरत है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
घर से निकलने से पहले मौसम जरूर देखें
बारिश और तेज आंधी के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें। पहाड़ी इलाकों में जाने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर मानें। मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना इस समय सबसे जरूरी है।

















