उत्तर प्रदेश में मंगलवार को निकली धूप के बाद अगर आपको लगा कि अब बारिश से राहत मिल गई है, तो मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। सितंबर खत्म होने की ओर है, लेकिन मानसून अभी प्रदेश से पूरी तरह विदा नहीं हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के असर से बुधवार से यूपी के कई हिस्सों में बादल फिर डेरा डाल सकते हैं और बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिलसिला अगले चार-पांच दिनों तक बना रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 23 सितंबर से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में भी बुधवार से बारिश के आसार जताए गए हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले 48 घंटे में प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अच्छी वर्षा होने के संकेत हैं। बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है, जिससे गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना
पूर्वी और मध्य यूपी में 28 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में भी मौसम बदलाव का असर दिखाई दे सकता है। इस मानसून सीजन में यूपी में अब तक सामान्य से करीब छह प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी यूपी में यह कमी करीब 11 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी जिलों में सामान्य से सिर्फ 0.4 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने से प्रदेश के वर्षा आंकड़ों में सुधार की उम्मीद है। पश्चिमी यूपी में 28 से 30 सितंबर के बीच मानसून की वापसी शुरू हो जाती है, जबकि लखनऊ समेत पूर्वी यूपी में इसकी सामान्य वापसी चार अक्टूबर के आसपास मानी जाती है। ऐसे में सितंबर के आखिरी दिनों की बारिश मानसून की विदाई से पहले महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।















