नई दिल्ली/मद्रास: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन को कोलाथुर विधानसभा सीट से जुड़े चुनावी मामले में मद्रास हाईकोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने गुरुवार को उनकी निर्वाचन क्षेत्र में 100 फीसदी VVPAT पर्चियों की गिनती कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने अपनी याचिका में चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 14 EVM और VVPAT मशीनों के सत्यापन में विसंगतियां मिलने का दावा किया था। स्टालिन ने सभी EVM और VVPAT मशीनों का दोबारा सत्यापन कराने की मांग भी की थी।
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अपनी याचिका में स्टालिन ने वोटों की दोबारा गिनती कराने और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के विधायक वीएस बाबू की जीत को रद्द करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने कोर्ट से कोलाथुर सीट से खुद को विजेता घोषित करने की अपील की थी। उन्होंने मतदान प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित होने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है।
बता दें कि साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कोलाथुर सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ था।स्टालिन को TVK उम्मीदवार वीएस बाबू ने 8,795 वोटों के अंतर से हराया था। दरअसल कोलाथुर को स्टालिन का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। वह इस सीट से लगातार तीन बार विधायक रह चुके थे। लेकिन चौथी बार साल 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें इस सीट से करारी शिकस्त मिली थी।
















