सितंबर शुरू होते ही लोगों को एक बार फिर मौसम की मार झेलनी पड़ सकती है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश से आम जनजीवन पहले ही प्रभावित है। अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत 19 राज्यों में बारिश, आंधी और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बनने की स्थिति है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, उत्तरी तटीय ओडिशा और झारखंड के आसपास भी मौसम सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इसके असर से पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं।
राजधानी दिल्ली में गुरुवार को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या सामने आ सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। पटना, गया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, गोपालगंज, रोहतास, बक्सर, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम बिगड़ने की संभावना है। गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, रायबरेली, हरदोई, उन्नाव, इटावा, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, गोरखपुर और देवरिया समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ में तापमान 31 डिग्री के आसपास रह सकता है। पश्चिम बंगाल में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मालदा, हावड़ा, कोलकाता, दार्जिलिंग, नादिया और मुर्शिदाबाद समेत कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बारिश में सावधानी जरूरी
मौसम खराब होने पर लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली के समय घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित है। वाहन चलाने वाले लोग भी तेज बारिश और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतें। किसानों और आम लोगों को सलाह है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें, क्योंकि सितंबर की शुरुआत में मौसम का यह बदला मिजाज आगे भी जारी रह सकता है।

















