नेपाल में भारी बारिश के बाद बाढ़ आई है। इससे काफी नुकसान हुआ है। कई जगह पानी भर गया, सड़कें टूट गईं और लोग प्रभावित हुए। कुछ इलाकों में हाइड्रोपावर टनल में लोग फंसे या लापता बताए जा रहे हैं।
शुरुआत में विदेशी मदद न लेने का फैसला
काठमांडू सरकार ने पहले विदेशी राहत और बचाव टीमों को आने की अनुमति नहीं दी थी। लेकिन अब यह फैसला बदल गया है। बालेन शाह ने इस बारे में नया रुख अपनाया है। अब सीमित संख्या में विदेशी विशेषज्ञों और खोज-बचाव टीमों को अनुमति दी जा रही है।
फैसला क्यों बदला
काठमांडू पोस्ट की खबर के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुछ विदेशी नागरिक भी लापता हैं। उनके देशों की तरफ से दबाव आया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से कहानी आई कि कम से कम खोज-बचाव की टीमें और विशेषज्ञ भेजने की इजाजत दी जाए। इसलिए कुछ क्षेत्रों में सीमित विशेषज्ञों को अनुमति दी जा रही है।
रसुवा और नुवाकोट जिलों में हाइड्रोपावर टनल में दर्जनों लोग अभी भी फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। बचाव का काम धीरे चल रहा है। टनल रेस्क्यू की खास ट्रेनिंग वाली टीमों की जरूरत है। नेपाल में डीएनए टेस्टिंग और शवों की पहचान के लिए फॉरेंसिक क्षमता भी सीमित है। इसलिए विदेशी विशेषज्ञ शवों की पहचान में भी मदद करेंगे।
इसे भी पढ़ें: नेपाल बाढ़ त्रासदी: अब तक 584 लोगों की मौत, 1942 अभी भी लापता; 93,000 से अधिक प्रभावित
भारत की तरफ से मदद
नेपाल के अनुरोध पर भारत ने तुरंत जवाब दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि भारत टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहा है। पहले एक सर्वे टीम जाएगी। वह स्थिति का जायजा लेगी और देखेगी कि कौन-कौन से उपकरण चाहिए। इसके साथ चिकित्सा टीम भी भेजी जा रही है। भारत ने बेली ब्रिज और तकनीकी टीमें भी ऑफर की हैं। इससे प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क जल्दी बहाल हो सके। एक बेली ब्रिज पहले से नेपाल में उपलब्ध है।
भारत से भेजी गई सामग्री
भारत ने तीसरी खेप में 10 टन मानवीय सहायता भेजी है। इसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, खाने के पैकेट और पानी साफ करने की गोलियां शामिल हैं। इसी फ्लाइट में 11 सदस्यीय टीम भी गई है। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिक और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ हैं। 26 अगस्त से लेकर अब तक भारत की कुल राहत सामग्री 57.5 टन हो गई है। यह पूरी मदद नेपाल की जरूरत के हिसाब से भेजी जा रही है। सर्वे टीम के आने के बाद आगे की जरूरतें और साफ होंगी।













