नई दिल्ली/ काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने रसुवा की भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ से हुई भारी जन-धन की क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत की दुखद खबर मिली है। उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं, कई मीडिया रिपोर्ट में 90 से अधिक शवों के मिलने की बात कही जा रही है।
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि बाढ़ की खबर मिलते ही सरकार ने बिना देर किए अपने सभी उपलब्ध संसाधनों और तंत्रों को बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान में लगा दिया। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण की आपात बैठक के बाद राष्ट्रीय परिषद और मंत्रिपरिषद की बैठक भी हुई, जिसमें बचाव, खोज और राहत कार्यों को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस अभियान में जुटी
प्रधानमंत्री शाह के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने और लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें तत्काल तैनात की गई हैं। नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से अब तक 250 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें घायल लोगों को तत्काल काठमांडू लाकर उपचार शुरू किया गया है। शाह ने कहा कि फिलहाल सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों की जान बचाना, लापता लोगों की तलाश करना और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित रखना है।
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घायलों के सुगम और निःशुल्क उपचार के लिए काठमांडू के वीर अस्पताल और राष्ट्रीय ट्रमा सेंटर में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं। काठमांडू घाटी के अन्य बड़े अस्पतालों को भी किसी भी समय घायलों के उपचार के लिए तैयार रखा गया है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजकर घायलों के उद्धार और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा, दवाइयों और रक्त की कमी न हो, इसके लिए रक्तसंचार केंद्र, बागमती और गंडकी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालयों, नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी, लायंस क्लब और नेपाल स्काउट सहित विभिन्न संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में नुवाकोट का विदुर, रसुवा के उत्तरगया और गोसाइँकुण्ड, धादिङ के गजुरी, गल्छी, बेनीघाट, त्रिपुरासुन्दरी और सिद्धलेख तथा गोरखा के शहीद लखन और गण्डकी गांवपालिका शामिल हैं। सरकार ने इन क्षेत्रों के पीड़ित परिवारों तक तत्काल खाद्य सामग्री, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अस्थायी आवास पहुंचाने का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि बाढ़ में लापता लोगों की तलाश और तेज की जाएगी तथा घायलों और बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत विवरण संकलित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान बुधवार रातभर भी जारी रहेगा।













