Nepal Flood: क्या आपदा में चीन ने नेपाल को दिया धोखा? 45 मिनट देरी से क्यों साझा की बाढ़ की जानकारी
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Nepal Flood: क्या आपदा में चीन ने नेपाल को दिया धोखा? 45 मिनट देरी से क्यों साझा की बाढ़ की जानकारी

उत्तरी नेपाल की भोटे कोशी नदी में बुधवार को अचानक भीषण बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं। जबकि 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं।

Written byPanchjanyaPanchjanya — edited by Lalit Fulara
Aug 26, 2026, 05:10 pm IST
inविश्व
नेपाल में बाढ़

नेपाल में बाढ़

नई दिल्ली: उत्तरी नेपाल की भोटे कोशी नदी में बुधवार को अचानक भीषण बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं। जबकि 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें 105 भारतीय और 93 नेपाली नागरिक हैं। यह जानकारी नेपाल पर्यटन विभाग के हवाले से दी गई है। बाढ़ के कारण तिब्बत सीमा से लगे सिंधुपालचोक जिले के कई इलाके बुरी तरह तबाह हो गए हैं।

लेकिन इस बीच सवाल उठ रहा है कि क्या इस आपदा में चीन ने नेपाल को धोखा दिया है। चीन की तरफ से समय पर आपदा संबंधी जानकारी साझा न करने के कारण नेपाल बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गया। तिब्बत के केरुंग क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की चेतावनी नेपाल को 45 मिनट की देरी से मिली। इससे  रसुवा के टिमुरे क्षेत्र में स्थानीय लोगों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इसे चीन की बड़ी लापरवाही बताया जा रहा है। चीन की इस बड़ी लापरवाही ने हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और सीमा सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चीनी मीडिया सीआरआई (CRI) ऑनलाइन नेटवर्क के मुताबिक, तिब्बत के केरुंग काउंटी में चीनी समयानुसार सुबह 10:30 बजे अचानक बाढ़ देखी गई थी। नेपाल और चीन के समय में 2 घंटे 15 मिनट का अंतर है। नेपाली समयानुसार यह बाढ़ बुधवार सुबह 8:15 बजे ही आ चुकी थी। समय का यह अंतर सीमावर्ती क्षेत्रों में आपदा की पूर्व चेतावनी के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता था। लेकिन चीन की ओर से सूचना साझा न किए जाने के कारण नेपाल इसका लाभ नहीं उठा सका और  नेपाल को बाढ़ की जानकारी तय समय से लगभग 45 मिनट देरी से मिली। इस तबाही में घरों, गाड़ियों, पुलों और बुनियादी ढांचे और कई परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।  नेपाल के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के अनुसार,  बाढ़ से 15 हाइड्रो पावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें से 10 चालू हैं और पांच निर्माणाधीन हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आया प्रतीत होता है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में तिमुरे और स्याब्रुबेसी की सीमावर्ती बस्तियां शामिल हैं।

भारत जल्द नेपाल भेजेगा राहत सामग्री, बाढ़ प्रभावितों के लिए मदद की तैयारी
नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से उत्पन्न हालात के बीच भारत सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए जल्द से जल्द राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रही है। इस बीच नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

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