भुवनेश्वर। ओडिशा में कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से जारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच राज्य सरकार ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रखा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। 24 अगस्त को सुबह 11 बजे तक प्राप्त स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर तटीय ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर ओडिशा के ऊपर स्थित है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, सोनपुर और बौध जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा बालासोर, देवगढ़, अंगुल, क्योंझर, मयूरभंज, नुआपड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल, नबरंगपुर, रायगढ़ा, कोरापुट, मालकानगिरी, गजपति, गंजाम और नयागढ़ जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है।
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पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में औसतन 32.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 169.4 मिमी बारिश क्योंझर जिले के जोड़ा ब्लॉक में दर्ज हुई। राज्य के आठ ब्लॉक और एक शहरी निकाय क्षेत्र में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई, जबकि 73 ब्लॉकों और चार शहरी निकायों के छह स्टेशनों पर 50 से 100 मिमी के बीच बारिश दर्ज की गई। 1 से 24 अगस्त के बीच ओडिशा में कुल 327.0 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 275.6 मिमी के मुकाबले 18.6 प्रतिशत अधिक है। वहीं, 1 जून से 24 अगस्त तक राज्य में 1,083.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 32.1 प्रतिशत अधिक है। 24 अगस्त को सुबह 9 बजे तक अखुआपदा में बैतरणी नदी और माथानी में जालका नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया।
वर्तमान में बालासोर के 2 ब्लॉक—भोगराई और बालीयापाल; भद्रक के 2 ब्लॉक—तिहिड़ी और चांदबाली; जाजपुर के 5 ब्लॉक—दशरथपुर, बारी, रसूलपुर, बिंझारपुर और जाजपुर; केंद्रापड़ा के 5 ब्लॉक—आली, राजनगर, राजकनिका, पट्टामुंडई और केंद्रापड़ा; कालाहांडी के 5 ब्लॉक—थुआमूल रामपुर, जयपटना, कलमपुर, कोकसरा और जूनागढ़ तथा कोरापुट का कोटपाड़ ब्लॉक प्रभावित है।
प्रभावित लोगों को विभिन्न जिलों में संचालित राहत शिविरों के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को और मजबूत करने के लिए ओड्राफ , एनडीआरएफ और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की कुल 67 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 15 ओड्राफ , 8 एनडीआरएफ और 44 अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीमें शामिल हैं। राहत शिविरों के संचालन और अन्य आपातकालीन गतिविधियों के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से चरणबद्ध तरीके से 170.30 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा प्रभावित जिलों को कुल 1,562.81 मीट्रिक टन पशु चारा उपलब्ध कराया गया है।
जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने, शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने, कच्ची सड़कों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान, भूस्खलन तथा बागानों और खड़ी फसलों को संभावित नुकसान पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। लोगों से बिजली गिरने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा मौसम संबंधी ताजा सलाह का पालन करने की अपील की गई है। मछुआरों को 24 अगस्त तक ओडिशा तट और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ चौबीसों घंटे समन्वय बनाए हुए है और स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। राज्य सरकार ने कहा है कि प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने तथा लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।













