नागपंचमी पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, नागेश्वर स्वरूप में सजे महादेव; 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंजा वातावरण
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नागपंचमी पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, नागेश्वर स्वरूप में सजे महादेव; ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजा वातावरण

सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के विशेष संयोग पर मध्य प्रदेश के प्रमुख शिवालयों और धार्मिक स्थलों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Lalit Fulara
Aug 17, 2026, 11:03 am IST
inधर्म-संस्कृति, मध्य प्रदेश

भोपाल/रायसेन। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के विशेष संयोग पर मध्य प्रदेश के प्रमुख शिवालयों और धार्मिक स्थलों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल और पंचामृत अर्पित किए। कई मंदिरों में विशेष श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। मंदिर परिसर दिनभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजते रहे।

रायसेन जिले के ऐतिहासिक भोजपुर शिव मंदिर में सावन सोमवार और नागपंचमी के संयोग पर भगवान भोलेनाथ का नागेश्वर महादेव स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। करीब 6 क्विंटल फूलों से मंदिर और भगवान शिव का श्रृंगार किया गया। विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। मंदिर के महंत पवन गिरी महाराज के मार्गदर्शन में यह विशेष श्रृंगार कराया गया। पुजारी अनूप गिरी ने बताया कि सावन सोमवार और नागपंचमी के विशेष संयोग को देखते हुए भगवान शिव को नागेश्वर स्वरूप में सजाने का निर्णय लिया गया था। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में लगातार ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे।

रायसेन के सोमेश्वर धाम और नीलकंठेश्वर मंदिर में भी उमड़ी भीड़
रायसेन के पास पहाड़ी पर स्थित सोमेश्वर धाम में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सुबह करीब 6 बजे से ही भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पहुंचते रहे। प्राचीन मंदिर परिसर में घंटियों, शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से भक्तिमय माहौल बना रहा। वहीं गैरतगंज तहसील के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भी नागपंचमी और सावन सोमवार के संयोग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

ग्वालियर के नागदेवता मंदिर में भी पहुंचे श्रद्धालु
ग्वालियर के प्राचीन नागदेवता मंदिर में नागपंचमी के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। भक्तों ने नागदेवता का अभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सावन सोमवार और नागपंचमी के एक साथ पड़ने से मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला।

बांदकपुर जागेश्वर धाम में सुबह से लंबी कतारें
दमोह जिले के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम बांदकपुर में सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह करीब 3 बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगना शुरू हो गई थीं। मंदिर के पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान जागेश्वरनाथ को जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की।

सुबह करीब 8:30 बजे तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई। शाम तक यह संख्या एक लाख से अधिक पहुंचने का अनुमान जताया गया। जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से कांवड़िए भी भगवान जागेश्वरनाथ को कांवर चढ़ाने पहुंचे। दमोह सांसद राहुल सिंह ने भी पत्नी के साथ सुबह करीब 4 बजे बांदकपुर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। हटा एसडीओपी केपी सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर परिसर में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है, जबकि 200 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं।

भिंड के शिवालयों में कांवड़ियों की भीड़
भिंड जिले में भी सावन के तीसरे सोमवार पर प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्तों ने बेलपत्र, दूध, दही और पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया। भांग, धतूरा, फूल और अक्षत अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई। हरिद्वार और सिंघीरामपुर से कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया। सुबह से ही मंदिरों में लंबी कतारें लगी रहीं।

वनखंडेश्वर से तालेश्वर और बोरेश्वर तक गूंजे जयकारे
भिंड के प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच भक्तों ने भगवान शिव को जल, दूध, दही और पंचामृत अर्पित किया। कांवड़ियों ने गंगाजल चढ़ाकर भगवान शिव की आराधना की। लहार के तालेश्वर महादेव मंदिर और अटेर क्षेत्र के बोरेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से भक्तों की भीड़ रही। मंदिरों के पट खुलते ही अभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया।

भांग-धतूरे और बेलपत्र की बढ़ी मांग
सावन सोमवार के कारण मंदिरों के आसपास पूजा सामग्री के बाजार में भी रौनक देखने को मिली। बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल और अन्य पूजन सामग्री की मांग बढ़ी रही। श्रद्धालु सुबह से ही दुकानों पर पूजा सामग्री खरीदते नजर आए। वनखंडेश्वर के अलावा महाकालेश्वर मंदिर, गऊघाट शिव मंदिर, त्र्यंबकेश्वर मंदिर, अर्द्धनारीश्वर मंदिर, बरगदेश्वर महादेव मंदिर और नवादा पार्क स्थित महादेव मंदिर में भी भक्तों ने पूजा-अर्चना की। मेहगांव, गोरमी और गोहद क्षेत्र के शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।

सेंधवा के नागलवाड़ी शिखरधाम में 101 लीटर दूध से अभिषेक
बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र के प्रसिद्ध नागलवाड़ी शिखरधाम स्थित भिलट देव मंदिर में नागपंचमी पर विशेष धार्मिक आयोजन हुए। भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया और 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। रिमझिम बारिश और धुंध के बीच श्रद्धालु करीब साढ़े तीन किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर मंदिर पहुंचते रहे। रात से ही दर्शन का सिलसिला जारी रहा। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं और दिनभर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। नागलवाड़ी शिखरधाम सतपुड़ा पर्वतीय क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां विराजित भिलट देव को निमाड़ क्षेत्र में विशेष आस्था के साथ पूजा जाता है।

टीकमगढ़ में घर-घर नागदेवता के दर्शन
टीकमगढ़ में नागपंचमी के अवसर पर नाथ संप्रदाय के लोग नागदेवता की प्रतिमा लेकर घर-घर पहुंचे। लोगों ने श्रद्धाभाव से नागदेवता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। कई घरों में नागपंचमी के अवसर पर पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए।

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