आज (15 अगस्त 2026 को) देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने कैसे पिछले दशकों में यह समस्या देश के बड़े हिस्से को प्रभावित कर रही थी। उन्होंने कहा कि अब स्थिति में बदलाव आया है। जंगलों से हथियारी नक्सली तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल अभी भी मौके की तलाश में है।
नक्सलवाद की पुरानी समस्या
पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद-माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया। अनेक माताओं के बेटे इससे प्रभावित हुए और परिवारों के सपने टूट गए। करीब चार दशकों तक नक्सलवाद ने देश के बड़े हिस्से को बंदूक के बल पर जकड़ रखा था और संविधान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बताया कि देश की रक्षा करते हुए साढ़े तीन हजार से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए। नक्सलवाद ने कई इलाकों को खून से सराबोर कर दिया था।
2014 का संकल्प और अब की स्थिति
उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में सरकार बनने पर संकल्प लिया गया था कि देश को नक्सलवाद से मुक्त किया जाएगा। आज स्थिति यह है कि नक्सली और माओवादी हिंसा अपनी आखिरी सांसें ले रही है। जो इलाके कभी नक्सलियों की गोलियों से गूंजते थे और जहां जमीन खून से लाल रहती थी, वहां अब विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है। जंगलों में हथियारी नक्सलों का खात्मा करने में सफलता मिली है।
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दिमागी नक्सल का जिक्र
पीएम मोदी ने आगे कहा कि बरसों तक माओवादी सोच वाले लोग सत्ता के गलियारों और सरकारी कमेटियों में सलाहकार के रूप में बैठे रहे। उन्होंने नीतियों को भी प्रभावित किया। जंगलों से हथियारी नक्सली तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल अभी भी मौके की तलाश में हैं। ये हिंसा और अराजकता के रास्ते ढूंढ रहे हैं और समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा, उन्हें अलग-थलग करना होगा और युवा पीढ़ी को देश को विकसित बनाने की दिशा में जोड़ना होगा। सुरक्षित देश बनाना सबका दायित्व है। चुनौती अंदर की हो या बाहर की, भारत तैयार है।
युवाओं के लिए घोषणाएं
भाषण में पीएम मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने की घोषणा की। एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण देने की भी बात कही। महंगे कोचिंग के बोझ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग पर यह बोझ कम करने के लिए सरकार निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क बनाएगी। पेपर लीक जैसे मुद्दों पर हुए विरोध का भी उन्होंने जिक्र किया।

















