पंजाब की राजनीति में कट्टरपंथियों व अलगाववादियों की घुसपैठ के प्रयास तेज हो गए हैं। खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पांच और उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जिन उम्मीदवारों की घोषणा की गई है, उनमें से दो पर एनएसए लगा हुआ है और मौजूदा समय में जेल में बंद है।
जिन उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, उनमें अमृतसर की अजनाला सीट से दलजीत सिंह कलसी और मोगा से गुरमीत सिंह बुक्कनवाला को उम्मीदवार बनाया गया है। इन दोनों के खिलाफ ही एनएसए लगा हुआ है।
ये हैं तीन अन्य प्रत्याशी
वारिस पंजाब दे ने गिल विधानसभा सीट से दर्शन सिंह शिवालिक, कपूरथला से जगजीत सिंह बाबा जग्गा और कोटकपूरा से रछपाल सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। उम्मीदवारों के नामों का एलान अमृतसर में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने किया।
इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे को बनाया प्रत्याशी
इससे पहले पार्टी बस्सी पठाना सीट से सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर चुकी है। सतवंत सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में आरोपी रहे केहर सिंह का बेटा है। वहीं इस मौके पर तरसेम सिंह ने कहा कि पार्टी की ओर से कौम के लिए कुछ कर गुजरने वाले पारिवारों को प्राथमिक्ता दी जा रही है।
खुद निर्दलीय सांसद बना था अमृतपाल
अमृतपाल सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव जेल में रहते हुए खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था और जीत दर्ज की थी। वह फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि अमृतपाल सिंह 2027 का विधानसभा चुनाव भी जेल में रहते हुए लड़ेगा।
करीब चार महीने पहले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने अमृतपाल सिंह को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था। पार्टी से जुड़े नेता पंथक मुद्दों, सिख अधिकारों और युवाओं से जुड़े विषयों को चुनावी मुद्दा बनाने की बात कह रहे हैं। हालांकि, फिलहाल पार्टी का राजनीतिक दल के तौर पर पंजीकरण नहीं हुआ है।
कौन है आरोपी दलजीत कलसी
अमृतपाल की फरारी के समय पंजाब पुलिस ने हरियाणा से उसके करीबी दलजीत कलसी को अरेस्ट किया था। गिरफ्तारी गुरुगाम से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की धारा 3 (2) के तहत की गई थी। उसे अमृतपाल सिंह का विशेष सहयोगी और सलाहकार भी बताया गया था। वह अमृतपाल का फाइनेंस देखने का काम करता था और फंड जुटाता था। दलजीत कलसी के पास से 20 मोबाइल नंबर मिले थे, इसमें से कुछ नंबर पाकिस्तानी सेना, खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान में छिपे खलिस्तानी समर्थकों के होने के दावे किए गए थे। आरोप है कि उसने अमृतपाल के लिए 30 करोड़ रुपये जुटाए थे।
कौन है गुरमीत बुक्कनवाला
जिस दिन अमृतपाल व उसके कई साथियों को गिरफ्तार कर उन पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ) लगा उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजा गया था, उसमें गुरमीत सिंह बुक्कनवाला भी था। बुक्कनवाला पर आरोप है कि 23 फरवरी को अजनाला पुलिस थाने पर हुए हमले में वह शामिल था, उस पर यह भी गुरमीत पर यह भी आरोप है कि उसने अमृतपाल के लिए युवाओं को भडक़ाया यानि की लोकल नेटवर्क खड़ा कर अपने संगठन को मजबूत किया और साथ ही अमृतपाल को भगाने में भी हर तरह का इंतजाम किया था।

















