पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह के हत्यारे खालिस्तानी आतंकी जगतार सिंह हवारा को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की चिंता कुछ ज्यादा ही बढ़ती जा रही है। पहले भगवंत मान ने आतंकवादी हवारा की पैरोल के लिए राज्यपाल को चिट्ठी लिखी थी और आज खुद राज्यपाल से मिलने राजभवन भी पहुंच गए। ऐसे में पूछा जा रहा है कि ये रिश्ता क्या कहलाता है?
राज्यपाल कटारिया से मिले भगवंत मान
जगतार सिंह हवारा को बीमार मां की देखभाल के लिए पैरोल दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को इस मुद्दे को लेकर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की। हवारा की मां की बीमारी को देखते हुए उन्हें मानवीय आधार पर पैरोल देने की मांग उठाई गई थी।
आतंकी की मां की बीमारी को बनाया बहाना
परिवार की ओर से कहा गया है कि बीमारी की स्थिति में मां को बेटे की जरूरत है। इसी आधार पर हवारा को कुछ समय के लिए पैरोल दिए जाने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान हवारा को पैरोल दिए जाने के मामले पर चर्चा की गई। हालांकि, मुलाकात के बाद इस संबंध में तत्काल कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया। पैरोल का मामला जेल प्रशासन और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से राज्यपाल के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
जाने क्या है मामला
जगतार सिंह हवारा लंबे समय से जेल में बंद हैं। मां के बीमार होने के बाद परिवार की ओर से उनकी देखभाल के लिए हवारा को पैरोल देने की मांग सामने आई। हवारा को पैरोल दिए जाने का मुद्दा सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा शुरू हुई। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के राज्यपाल से मिलने के बाद इस मामले को लेकर सरकार के रुख को लेकर भी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
















