अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर को आईएसआई आतंकी मॉड्यूल का जंतर-मंतर प्रदर्शन से कनेक्शन बताना महंगा पड़ गया। पंजाब सरकार ने आईपीएस गुरप्रीत भुल्लर को कमिश्नर के पद से हटा दिया। यह मामला अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पंजाब पुलिस ने क्या किया था दावा?
पंजाब पुलिस ने पहले दावा किया था कि कथित आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल के सदस्य जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन स्थल की रेकी कर चुके थे। लेकिन अगले ही दिन पुलिस ने इस बयान पर सफाई जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने पुलिस कमिश्नर के बयान के चुनिंदा हिस्से काटकर और भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर दिए, जिससे पूरे बयान का गलत मतलब निकाला गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी प्रदर्शन में शामिल नहीं थे और उनका जंतर-मंतर आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। पुलिस के मुताबिक, उनकी कथित साजिश प्रदर्शनकारियों को पेट्रोल बम से निशाना बनाने की थी।
रवनीत सिंह बिट्टू ने उठाए सवाल
जानकारी के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, “गुरप्रीत भुल्लर के तबादले का समय कई सवाल खड़े करता है। क्या जंतर-मंतर पर कथित साजिश को लेकर उनके खुलासों से अरविंद केजरीवाल मुश्किल में पड़ गए थे?”
इस पोस्ट के बाद पंजाब के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छिड़ गई है।














