पंजाब में तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान (टीटीएच) नामक संगठन फिर से चर्चा में है। बीती रात अमृतसर में देर रात ड्यूटी पर तैनात पंजाब पुलिस के एक एएसआई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी जिम्मेवारी टीटीएच ने ली है। बीती रात अमृतसर के थाना गेट हकीमां में तैनात एएसआई हरजीत सिंह करीब रात 2.30 बजे दाना मंडी के पास मोटरसाइकिल पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर गोलियां चला दीं थी। जिसमें हरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अमृतसर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में क्या हुआ खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रात करीब साढ़े 12 बजे पुलिस अधिकारी गेट हकीमां थाने से राणा मस्ताना इलाके की तरफ गया था। इसी दौरान उसे दोपहिया वाहन पर सवार हमलावरों ने पीछा करते हुए नजदीक से गोली मारी। गोली गर्दन के पीछे के हिस्से के पास लगी। वहीं हत्या के बाद डीजीपी गौरव यादव घटनास्थल पर पहुंचे थे।
घटनास्थल से पिस्तौल का खोल बरामद
घटनास्थल से 30 बोर पिस्तौल का एक खोल बरामद हुआ है। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की जांच में जुटी हैं और घटनास्थल से लेकर आसपास के इलाकों तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
टीटीएच ने ली जिम्मेदारी
एएसआई हरजीत सिंह की हत्या की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने एक पोस्ट के जरिए ली है। हालांकि पुलिस ने न तो इसकी पुष्टि की है और न ही टीटीएच को कोई ज्ञात संगठन माना जा रहा। समझा जा रहा है कि इस तरह के संगठन की जिम्मेवारी जांच को भटकाने का प्रयास भी हो सकती है। ज्ञात रहे कि इससे पहले इसी 11 सितंबर को एएसआई जसवंत सिंह को गोली मारी गई थी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं कुछ महीने पहले मजीठा में एएसआई जोगा सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी, उसे समय भी इसी संगठनन की ओर से जिम्मेदारी ली गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

















