नई दिल्ली: अरब सागर में पाकिस्तान के जहाज के भारतीय जहाज से टकराने के बाद दोनों देशों में राजनयिक तनाव बढ़ गया है। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को इस्लामाबाद पर सच्चाई छिपाने और टालमटोल रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इस घटना में INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ घटनाएं हुई हैं। इनके संबंध में मैं कुछ तथ्य स्पष्ट करना चाहता हूं। हमने अपने विरोध पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया देखी है। हमेशा की तरह उनका जवाब टालमटोल वाला और सच्चाई को छिपाने का एक प्रयास है। हम पाक के सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं।
सीमा से समुद्र तक भारत-पाक तनाव, क्या 1991 का सैन्य समझौता पर्याप्त है?
उन्होंने कहा कि आईएनएस (INS) कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में रूटीन तैनाती पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना के पोत पीएनएस (PNS) हुनैन ने समुद्र में गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य व्यवहार किया, जिसके कारण यह टक्कर हुई। भारत ने इसे 1991 के सैन्य समझौते के अनुच्छेद 10 का गंभीर उल्लंघन बताया है। यह अनुच्छेद स्पष्ट रूप से निर्देश देता है कि समुद्र में नौसैनिक इकाइयों को एक-दूसरे से कम से कम तीन नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखनी चाहिए।
गौरतलब है कि बीते 15 सितंबर को आईएनएस कोलकाता अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नियमित तैनाती पर था। इसी दौरान पीएनएस हुनैन ने खतरनाक तरीके से ओवरटेकिंग की कोशिश की। जिसके परिणामस्वरूप यह टक्कर हुई। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि यह घटना पाकिस्तान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में उसके सीस्पार्क-26 नौसैनिक अभ्यास के दौरान घटी। भारत ने पाक के इस बयान का विरोध किया है।















