किशनगंज में अशोक सिंघल की शताब्दी जयंती समारोह
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल जिला किशनगंज के तत्वावधान में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि अरुण नेटके के अलावा प्रांत संगठन मंत्री राणा रणवीर सिंह, किशनगंज जिला सह संघचालक अमरचंद यादव सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी मंचासीन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप जिला अध्यक्ष मनोज गट्टानी ने की। समारोह में विहिप, बजरंग दल एवं विचार मंच के कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा कार्यकर्ता, समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिक और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
देशभर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित हो रहे कार्यक्रम
अरुण नेटके ने कहा कि अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी समारोह का शुभारंभ दो अक्टूबर को अयोध्या से हुआ है। इसी क्रम में देशभर के जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किशनगंज में आयोजित समारोह भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है।
अशोक सिंघल के जीवन पर डाला प्रकाश
उन्होंने अशोक सिंघल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 27 सितंबर 1926 को उत्तर प्रदेश के आगरा/अतरौली में एक संपन्न परिवार में हुआ था। वर्ष 1950 में उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से मेटलर्जी/इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए और शिक्षा पूरी करने के बाद संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में अपना जीवन संगठन कार्य के लिए समर्पित कर दिया।
विश्व हिंदू परिषद में संभाले कई महत्वपूर्ण दायित्व
विहिप केंद्रीय सह-महामंत्री ने बताया कि वर्ष 1981-82 में अशोक सिंघल विश्व हिंदू परिषद से जुड़े। संगठन में उन्होंने संयुक्त महामंत्री और महामंत्री सहित कई महत्वपूर्ण दायित्व संभाले तथा लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने में अशोक सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला और उन्होंने देशभर में हिंदू समाज को संगठित करने का काम किया।
समरसता और एकता का भाव मजबूत करने पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल का व्यक्तित्व केवल संगठनात्मक नेतृत्व तक सीमित नहीं था। उन्होंने जाति-पंथ के भेद से ऊपर उठकर हिंदू समाज में समरसता और एकता का भाव मजबूत करने पर जोर दिया। उनका संदेश था कि समाज में भले ही अलग-अलग जाति और पंथ हों, लेकिन मूल पहचान हिंदू की है।
अशोक सिंघल के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
अरुण नेटके ने कहा कि हिंदू समाज के संगठित होने का परिणाम आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के रूप में सामने है। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल के विचार और उनका संगठनात्मक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। समारोह में वक्ताओं ने उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं और समाज के प्रति उनके योगदान को भी याद किया।
मनोज गट्टानी ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के समापन पर विहिप जिला अध्यक्ष मनोज गट्टानी ने उपस्थित अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों. के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन बजरंग दल विभाग संयोजक सुनील तिवारी ने किया।














