जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी
September 11, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम धर्म-संस्कृति

आज का श्लोक- जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

सुभाषितम् में पढ़ें आज का श्लोक

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jul 28, 2026, 06:00 am IST
inधर्म-संस्कृति

यह श्लोक महाकाव्य उत्तर रामायण/वाल्मीकि रामायण से उद्धृत है। यह वाक्य भगवान श्रीराम ने लंका विजय के बाद अपने छोटे भाई लक्ष्मण जी से कहा था, जब लक्ष्मण जी लंका की अपार समृद्धि, सोने के महलों और वैभव को देखकर आश्चर्यचकित थे।

आज का श्लोक-

अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण! रोचते।
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।।८।।

भावार्थ-

हे लक्ष्मण! यह स्वर्णमयी लंका मुझे अच्छी नहीं लगती है, क्योंकि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढकर है।

आज श्लोक की प्रासंगिकता-
यह श्लोक मानवीय मूल्यों, देशप्रेम और जड़ों से जुड़ाव का एक अमर संदेश है। आज की दुनिया में लोग अक्सर धन, संपत्ति और भौतिक वैभव को ही सफलता का अंतिम पैमाना मान लेते हैं। इसमें भगवान राम का यह कथन सिखाता है कि बाहरी चमक-धमक, धन-दौलत और भौतिक सुख कभी भी अपनी जड़ों, संस्कारों और अपनी मातृभूमि के प्रति स्नेह का स्थान नहीं ले सकते। लोग बेहतर अवसरों की तलाश में लोग अपना देश, गाँव या घर छोड़कर विदेशों में बस रहे हैं।

यह हमें याद दिलाता है कि व्यक्ति चाहे दुनिया के किसी भी समृद्ध कोने में चला जाए, अपनी मातृभूमि और संस्कृति के प्रति निष्ठा एवं सम्मान सदैव बना रहना चाहिए। अपनी जड़ों से कटकर प्राप्त की गई समृद्धि अधूरी होती है।

Topics: सांस्कृतिक पहचानराष्ट्रप्रेमजननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसीआज का श्लोकजननी और जन्मभूमिकृतज्ञताआध्यात्मिक वैभवसांस्कृतिकसंस्कारदेशभक्तिमातृभूमि
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

आज का श्लोक : राष्ट्र संगठित नहीं है तो वह अपनी रक्षा नहीं कर सकता

विरासत पर अतिक्रमण

आज का श्लोक : सर्वधर्म-समा वृत्तिः सर्वजातिसमा मतिः

आज का श्लोक : ‘सिद्धान्त’ ही संगठन को स्थिर रखने वाला होता है

आज का श्लोक : विना प्रीतिं विना नीतिं विना सत्कार्यपद्धतिम्

आज का श्लोक : जन्मस्थानं महर्षीणां तपःस्थानं च योगिनाम्

Load More

ताज़ा समाचार

कन्वर्जन का मामला: हिंदू से ईसाई बनीं महिला के अंतिम संस्कार पर विवाद, पूरा मामला जानिये

MP Weather Today

MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय होगा मानसून, 12 जिलों में बारिश का अलर्ट

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

Fact Check: “कोई खाली सीट नहीं” से 22 ट्रिलियन निवेश तक – ट्रंप के सभी बड़े दावे झूठे साबित

प्रतीकात्मक तस्वीर

Explainer: BRICS समिट के लिए दिल्ली में जुट रहे दुनिया के दिग्गज, जानिए कैसे बढ़ा भारत का कद?

गणेश जी की सवारी मूषक ही क्यों? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

ओडिशा की उड़ान 2.0’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी से बातचीत करते पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर

सुशासन संवाद : ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘अमेरिका में संघ को विरोध से अधिक समर्थन मिला’

बिजली का तार चोरी करने वाले नदीम, साजिद और अब्दुल गिरफ्तार 

10 हजार किलो नकली पनीर….5 हजार किलो खराब ‘मावा’… पुलिस की महारेड से हड़कंप

आजमगढ़: कुँवर नदी किनारे गोवंश अवशेष मिलने के बाद मुठभेड़, मो. साबिर गिरफ्तार; तमंचा व हथियार बरामद

रूस-यूक्रेन युद्ध में मृत आत्माओं की शांति के लिए काशी में रूस से ऑनलाइन कराया नारायण बलि व त्रिपिंडी श्राद्ध

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies