
पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनावी रणनीतियों को अब प्रबंधन शिक्षा के दृष्टिकोण से भी समझा जाएगा। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) कलकत्ता ने भाजपा की जीत की रणनीति, संगठनात्मक विस्तार और चुनाव प्रबंधन पर एक विस्तृत ‘मैनेजमेंट केस स्टडी’ तैयार करने की घोषणा की है। यह अध्ययन स्थापित रणनीतिक प्रबंधन सिद्धांतों के आधार पर परखा जाएगा। इसका उपयोग मैनेजमेंट के छात्रों को रणनीति, संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व से जुड़े विषयों को पढ़ाने के साथ-साथ अकादमिक शोध में भी किया जाएगा। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल जैसे जटिल राजनीतिक परिदृश्य में अपने संगठन का विस्तार किस प्रकार किया और चुनावी अभियान को कैसे संचालित किया, जिसके बल पर वह कई वर्षों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी शिकस्त देने में कामयाब हुई।
संस्थान ने मंगलवार (21 जुलाई) को बताया कि यह शोध राजनीतिक दलों की संगठनात्मक कार्यप्रणाली, संसाधन प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, चुनावी अभियान संचालन और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के समन्वय जैसे पहलुओं पर केंद्रित होगा। इसमें यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक परिदृश्य में अपनी संगठनात्मक उपस्थिति को मजबूत करने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए कौन-सी रणनीतियां अपनाईं। इसके अलावा संगठनात्मक संसाधनों और क्षमताओं को समझने के लिए रिसोर्स बेस्ड व्यू (आरबीवी), वीआरआईओ और मैकिन्से 7-एस फ्रेमवर्क जैसे प्रबंधन सिद्धांतों का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही केस स्टडी में यह भी जांचा जाएगा कि चुनाव अभियान के दौरान विकसित संगठनात्मक क्षमताओं का उपयोग शासन और प्रशासन में किस सीमा तक किया जा सकता है।
आधुनिक चुनावी अभियान अब केवल राजनीतिक गतिविधियां नहीं रह गए हैं, बल्कि वे प्रबंधन, नेतृत्व, संचार, डेटा विश्लेषण और संसाधन नियोजन के महत्वपूर्ण उदाहरण बन चुके हैं। यही कारण है कि राजनीतिक अभियानों का अध्ययन प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी से प्रासंगिक होता जा रहा है। इस प्रकार की केस स्टडी छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में चुनावी रणनीति, संगठन संचालन और नेतृत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान करती है।
इस केस स्टडी को आईआईएम कलकत्ता के निदेशक आलोक कुमार राय, स्ट्रेटेजी ग्रुप की प्रोफेसर रम्या टी वेंकटेश्वरन और ऑपरेशंस ग्रुप के पूर्व प्रोफेसर बोधिब्रतो नाग तैयार कर रहे हैं। शोध पूरा होने के बाद इसे आईआईएम कलकत्ता केस रिसर्च सेंटर और आईवी पब्लिशिंग के सहयोग से दुनिया भर के बिजनेस स्कूलों एवं मैनेजमेंट संस्थानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि शोध टीम भाजपा के बंगाल चुनाव प्रभारी सुनील बंसल, प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार सहित चुनाव अभियान से जुड़े कई नेताओं से विस्तृत बातचीत कर चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शोधकर्ता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से भी जल्द बातचीत कर सकते हैं, ताकि चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके।