नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी (NEET-UG) सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न हुई अराजकता और हिंसा पर गहरा दुख एवं आक्रोश व्यक्त किया है. अभाविप ने प्रदर्शनकारियों, असामाजिक तत्वों और सुरक्षाबलों के बीच हुए हिंसक टकराव को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.
अभाविप का स्पष्ट मानना है कि निर्दोष विद्यार्थियों के न्यायोचित आंदोलन की आड़ लेकर कुछ राजनीतिक स्वार्थों और समाजविरोधी तत्वों ने सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने, अराजकता फैलाने और हिंसा भड़काने का कुत्सित प्रयास किया है. अभाविप ने इस हिंसक घटना की घोर निंदा करते हुए घायल हुए विद्यार्थियों व सुरक्षाकर्मियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है.
“हम प्रारंभ से ही छात्रों के साथ खड़े हैं, जांच के लिए बने उच्च स्तरीय समिति”
विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ वह पहले दिन से ही छात्रों की आवाज बनकर खड़ी रही है. संगठन ने याद दिलाया कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता के लिए सर्वप्रथम अभाविप ने ही केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच कराने की मांग उठाई थी और NTA मुख्यालय के बाहर कड़ा प्रदर्शन किया था.
“वर्ष 2024 से लेकर आज तक अभाविप लगातार नीट-यूजी विषय पर विद्यार्थियों के हित में संघर्षरत है. अभाविप भारत सरकार से मांग करती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और आवश्यक संस्थागत सुधारों की गहन समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का अविलंब गठन किया जाए, जो समयबद्ध सिफारिशें प्रस्तुत करे.”
छात्र आंदोलन की आड़ में ‘डीप स्टेट’ व देशविरोधी शक्तियों की साजिश
अभाविप ने देशवासियों और छात्र समुदाय को सचेत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की स्वाभाविक समस्याओं का उपयोग किसी संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ, देशविरोधी एजेंडे अथवा देश में अस्थिरता का माहौल बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
अभाविप का कड़ा रुख और मुख्य चेतावनी:
- ‘डीप स्टेट’ का खतरा: इस प्रकार के हिंसक कुप्रयास ‘डीप स्टेट’ (Deep State) जैसे भारत-विरोधी तंत्रों को बल प्रदान करते हैं, जो लंबे समय से भारत की आंतरिक स्थिरता, अखंडता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं.
- लोकतांत्रिक मूल्य: भारत का विद्यार्थी समुदाय राष्ट्रनिष्ठ और जागरूक है, वह स्वयं को किसी भी राजनीतिक दिग्भ्रम या राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र का औजार नहीं बनने देगा.
- सकारात्मक समाधान: समस्याओं का समाधान उकसावे से नहीं, बल्कि केवल संवेदनशीलता, संवाद और संस्थागत सुधारों से ही संभव है.
“छात्रशक्ति का इस्तेमाल किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए नहीं होने देंगे” – डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कड़े शब्दों में कहा कि नीट-यूजी में हुई अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य और चिंताओं को प्रभावित किया है, लेकिन इसके समाधान का मार्ग हिंसक राजनीति नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा-
“विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों को संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों की तरफ मोड़ना सीधे तौर पर छात्र हित के साथ अन्याय है. छात्रशक्ति का उपयोग देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के खिलाफ काम करने वाली ताकतों के हितों के लिए नहीं होने दिया जाएगा. हम सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत उच्च स्तरीय समिति गठित कर परीक्षा प्रणाली को विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया जाए.””
अंत में अभाविप ने देश के सभी विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी राष्ट्रविरोधी भड़कावे का शिकार न बनें.











