नई दिल्ली/ श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पुलिस ने मस्जिद के एक मौलवी को पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह मौलवी आतंकियों का ‘ग्राउंड हैंडलर’ था। जिसकी पहचान मोहम्मद रफीक नाइक के तौर पर हुई है। पुलिस ने इस आतंकी को किश्तवाड़ से गिरफ्तार किया है।
मस्जिद का मौलवी ही निकला आतंकियों का ग्राउंड हैंडलर
मोहम्मद रफीक नाइक पर किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाना और लॉजिस्टिकल मदद देने का आरोप है। वह किश्तवाड़ के सिंहपोरा के दवाथर का रहने वाला है। रफीक कलासोई इलाके की एक मस्जिद में मौलवी है। लेकिन उसका असल काम पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करना और भारत में आतंकवाद फैलाना था।
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी समूह से जुड़ा था ‘मौलवी’
पुलिस का कहना है कि आरोपी मौलवी लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सैफुल्ला के नेतृत्व वाले पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह के लिए मुख्य ‘ग्राउंड हैंडलर’ था। उसने सैफुल्ला और उसके साथियों को पनाह दी थी। यह मौलवी ही आतंकियों को खाना, जरूरी सामान और तालमेल में मदद करता था। मौलवी रफीक की मदद के कारण ही आतंकी लगभग दो साल तक छत्रू के जंगलों में टिके रहे।
इससे पहले भी एक स्कूल टीचर मशकूर की हुई है गिरफ्तारी
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में सुरक्षा बलों ने एक ऑपरेशन में सैफुल्ला और उसके आतंकवादी समूह को समाप्त कर दिया था। बताया जा रहा है कि आरोपी मौलवी रफीक नाइक की मदद के कारण ही यह आतंकी समूह इतने समय तक टीका हुआ था। पाकिस्तान द्वारा फैलाए जाने वाले आतंकवाद में यह मौलवी ही मदद करता था। इससे पहले पुलिस इसी मामले में मुनीर अहमद और मशकूर अहमद को गिरफ्तार कर चुकी है। स्कूल टीचर मशकूर अहमद को भी आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
आतंक के मददगारों को समाप्त करने के लिए चलाया जा रहा है ऑपरेशन
पुलिस ने कहा कि जांच कई मोर्चों पर आगे बढ़ रही है। नेटवर्क से जुड़े दूसरे ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने, साथ ही किश्तवाड़ में उनके सपोर्ट बेस को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस गिरफ्तारी से एक साफ संदेश जाता है कि आतंकवादियों की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को- चाहे उसका ओहदा कुछ भी हो- बख्शा नहीं जाएगा।

















