कॉक्रोच जनता पार्टी के संसद मार्च के समय दिल्ली में जिस तरह हंगामा और हिंसा हुई, उसकी आशंका पहले से ही थी, क्योंकि सभी जानते हैं कि आंदोलन के नाम पर इक्ट्ठा हुई भीड़ किसान आंदोलन का दोहराव मात्र है। इस हास्यस्पद राजनीतिक दल का धरना-प्रदर्शन पूरी तरह दिशाहीन था। सच तो यह है कि इसका गठन ही हास-परिहास का परिणाम था। उसे खुद के एक राजनीतिक ताकत बन जाने का भ्रम इसलिए हो गया, क्योंकि इंटरनेट मीडिया पर उसके करोड़ों फालोअर्स हो गए थे। इस भ्रम ने ही एक दिशाहीन आंदोलन की नींव रखी।
सीजेपी इसका उदाहरण है कि आनलाइन प्रसिद्धि धरातल पर कोई असर नहीं दिखाती। सीजेपी का धरना-प्रदर्शन न केवल अंध मोदी विरोध व आंदोलनजीवियों का आसान मंच बन गया, बल्कि हर कोई उसे अपनी तरह से भुनाने में लगा हुआ दिख रहा है। विपक्षी दलों ने भी उसके मंच का उपयोग बहती गंगा में हाथ धोने वाले अंदाज में ही किया। यह किसी से छिपा नहीं कि काक्रोचों के मंच से किस तरह नीट पेपर लीक के साथ देशविरोधी दीमकों की आवाज को भी उठाया जा रहा है।
संसद मार्च में अव्यवस्था और नेतृत्व की कमी पर उठे सवाल
सीजेपी के संसद मार्च में भीड़ इसलिए पूरी तरह अनियंत्रित हो गई क्योंकि कोई भी उसे दिशा देने वाला नहीं था। आंदोलन अनियंत्रित मात्र था, क्योंकि क्या यह विचित्र है कि जब सीजेपी नेता अपना अनशन खत्म करने की घोषणा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे थे संसद मार्च में शामिल भीड़ संसद में घुसने की चेष्टा कर रही आखिर इससे क्या हासिल होने वाला था? आंदोलन के नाम पर 20 जुलाई को दिल्ली में जो अराजकता देखी वैसे ही दृश्य देशवासी 26 जनवरी, 2021 को इसी नगरी में देख चुके हैं जब अराजक किसान आंदोलनकारियों ने राष्ट्रीय पर्व वाले दिन लाल किले पर अपने अहंकार के झंडे गाड़ दिए थे। उस समय भी आंदोलनकारी अनियंत्रित व अराजक भीड़ में बदल गए और उनके नेता गायब हो गए थे, जो उनका मार्गदर्शन करने वाले थे। कॉक्रोचों के मार्च में भी यह देखने को मिला कि सभी आंदोलनकारी शारीरिक व मानसिक रूप से अनगाइडेड मिसाइलों की तरह चल रहे थे।
गांधी जी ने कहा था, कि सत्याग्रह के लिए आपका आग्रह सत्य पर आधारित होना चाहिए। बिना सत्य के आधार पर कोई आंदोलन सफल नहीं हो सकता। क्या आंदोलनकारी काक्रोच अपने आप को गांधी जी की इस कसौटी पर अपने आप को खरा मानते हैं? जिस तरह उनके आसपास देश-समाज की वैचारिक दीमक कहे जाने वाले लोग जमा हो रहे हैं ऐसे लोगों से अपने आपको बचाना होगा।

















